
वाराणसी 1 मार्च। हर वर्ष के तरह इस वर्ष भी 11 रमज़ान 1 मार्च रविवार को वक्फ मस्जिद व कब्रिस्तान खास मौलाना मीर इमाम अली पितरकुंडा में मग़रिब की नमाज़ मौलाना ज़फर हुसैनी साहब क़िब्ला की इमामंत में अदा की गई और इफ्तार का आयोजन हुआ। इफ़्तार के बाद बनारस के पहले मोबल्लिग फिरक़ए जाफरी के मोत्ताहबीर आलम बनारस के पहले इमामे जुमा ईमानिया अरबी कालेज के पहले प्रिंसिपल मौलाना जवाद साहब ताबासराह के उस्तादे मोहतरम मौलाना मीर इमदाद अली साहब ताबासराह के ईसाले सवाब की मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस का आग़ाज़ शफ़ाअत हुसैन शोफ़ी साहब की सोज़ख़्वानी से हुआ । मजलिस को ख़िताब करते हुए मौलाना सैय्यद मुहम्मद अक़ील हुसैनी साहब क़िब्ला ने ईरान में शहीद हुए सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनेई के जीवन पर प्रकाश डाला और अमेरिका व इस्राएल की इस ज़ुल्म ओ बरबरियत पर सख्त भाषा में मुख़ालेफ़त की। मजलिस के आखिर में कर्बला वालों के मसाएब बयान हुए जिसको सुनते ही हर आंख नम हो गई। अंजुमन हैदरी चौक बनारस ने नौहाख़्वानी के फ़राएज़ अंजाम दिये।
इफ़्तार व मजलिस में मौलाना मेहदी रज़ा मौलाना इश्तियाक़ अली मौलाना बाक़र रज़ा बलियावी सैय्यद अब्बास मुर्तुज़ा शम्सी इक़बाल हुसैन एडवोकेट सैय्यद हैदर अब्बास चांद हैदर मौलाई अंजुमन हैदरी के जनरल सेक्रेटरी नायाब रज़ा समेत बहुत से मोमिनीन ने शिरकत की। इफ़्तार व मजलिस में आये हुए सभी लोगों का शुक्रिया मौलाना मौसूफ़ के ख़ानवादे कि तरफ़ से कार्यक्रम के संयोजक व मोतवल्ली सैयद मुनाज़िर हुसैन मंजू ने अदा किया गया।
