डॉलर 92 के पार जाना सरकार की नाकामी का प्रमाण : अभिषेक सिंह राणा

सुल्तानपुर। कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने केंद्र की मोदी सरकार द्वारा पेश बजट को 140 करोड़ देशवासियों के साथ सबसे बड़ा आर्थिक छल करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट आम जनता के हित में नहीं, बल्कि उद्योगपति मित्रों को लाभ पहुंचाने वाला है,जिससे 60 करोड़ युवाओं और 55 करोड़ महिलाओं की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था गंभीर संकट में है। डॉलर का 92 रुपये के पार पहुंचना सरकार की विफल नीतियों का प्रमाण है।अंतरराष्ट्रीय व्यापार घाटा बढ़ रहा है, विदेशी निवेशक पूंजी निकाल रहे हैं और बड़े उद्योगपति विदेशों में निवेश कर रहे हैं। ऐसे में आर्थिक विकास के दावे केवल जनता को गुमराह करने का जरिया हैं।कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पिछले नौ बजटों की तरह इस बार भी जनता को झुनझुना थमाया गया है। किसानों के लिए ऐसा कोई ठोस प्रावधान नहीं है जिससे फसलों के दाम दुगने हों। एआई और आधुनिक तकनीक के नाम पर सपने दिखाए गए हैं, जबकि जमीनी हकीकत में किसान बदहाल है। न्यूनतम मजदूरी पर बजट की खामोशी से मजदूर वर्ग खुद को ठगा महसूस कर रहा है।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार के साथ बजट में सौतेला व्यवहार हुआ है। बीते 11 वर्षों में सुल्तानपुर को केंद्र से कोई ठोस राहत नहीं मिली। अमेठी के अलग जिला बनने के बाद भी सुल्तानपुर के आर्थिक विकास को लेकर कोई पहल नहीं हुई। औद्योगिक गलियारे के नाम पर किसानों की जमीन कौड़ियों के भाव खरीदी गई,लेकिन स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिला।अंत में अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि यह बजट किसान, मजदूर, युवा, महिलाएं और छोटे कारोबारियों के साथ विश्वासघात है। यह देश को आत्मनिर्भर बनाने के बजाय कुछ पूंजीपतियों पर निर्भर करता है। कांग्रेस पार्टी इस जनविरोधी बजट के खिलाफ सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी और जनता की आवाज बुलंद करेगी।