
जनपद सुल्तानपुर में पुलिस व्यवस्था को मानवीय एवं प्रभावी बनाने की दिशा में पुलिस अधीक्षक (एसपी) आईपीएस चारू निगम इन दिनों अपनी कार्यशैली को लेकर लगातार चर्चा में हैं। आम जनता, विशेषकर फरियादियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाकर उन्होंने जिले में पुलिसिंग की नई मिसाल पेश की है। उनके कार्यकाल में पुलिस अधीक्षक कार्यालय की व्यवस्था से लेकर अपराध नियंत्रण तक कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं।
फरियादियों के लिए बदली पुलिस अधीक्षक कार्यालय की तस्वीर
पहले जहां पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अपनी शिकायत लेकर आने वाले फरियादी घंटों धूप में खड़े रहने को मजबूर रहते थे, वहीं अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। पुलिस अधीक्षक चारू निगम के निर्देश पर कार्यालय परिसर के सामने तीन बड़े टेंट लगवाए गए हैं तथा पर्याप्त कुर्सियों की व्यवस्था कराई गई है, जिससे फरियादी आराम से बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर सकें।
इतना ही नहीं, बुजुर्ग एवं दूरदराज से आने वाले फरियादियों के लिए पेयजल और मिठाई की व्यवस्था भी की गई है। इस मानवीय पहल की जिलेभर में सराहना हो रही है।
मानवीय दृष्टिकोण के साथ सख्त पुलिसिंग
आईपीएस चारू निगम की कार्यशैली का सबसे महत्वपूर्ण पहलू संवेदनशीलता और सख्ती का संतुलन है। किसी भी घटना की सूचना मिलते ही वह तत्काल संज्ञान लेती हैं तथा संबंधित थाना प्रभारी एवं क्षेत्राधिकारी को तुरंत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश देती हैं। गंभीर मामलों में स्वयं मौके पर पहुंचकर जांच करना उनकी कार्यशैली का हिस्सा बन चुका है।
हत्या, लूट एवं हाई-प्रोफाइल मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्होंने अपराधियों को स्पष्ट संदेश दिया है—
“अपराधी या तो अपराध छोड़ दें या जनपद छोड़ दें, सुल्तानपुर में अपराध के लिए कोई जगह नहीं है।”
अपराध नियंत्रण में तेज कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में जिले में अपराधियों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। लंबित मामलों में तेजी से गिरफ्तारी, सक्रिय अपराधियों की निगरानी तथा थाना स्तर पर जवाबदेही तय की जा रही है। लापरवाही मिलने पर पुलिस कर्मियों पर भी कार्रवाई की जा रही है, जिससे पुलिस विभाग में अनुशासन मजबूत हुआ है।
जमीन और पारिवारिक विवादों के समाधान पर जोर
जनपद में लंबे समय से चले आ रहे जमीनी एवं पारिवारिक विवादों के निस्तारण में भी एसपी चारू निगम की अहम भूमिका रही है। कई मामलों में उन्होंने स्वयं शिकायत सुनकर टीम गठित की और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित कराई। हलियापुर, अखंडनगर और करौंदी कला सहित ग्रामीण क्षेत्रों से भी उनकी कार्यशैली की सराहना सामने आ रही है।
वीआईपी कल्चर पर रोक
चारू निगम ने पुलिस व्यवस्था में व्याप्त वीआईपी कल्चर को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। अब आम फरियादियों की सुनवाई को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे जनता का पुलिस प्रशासन पर विश्वास बढ़ा है।
कौन हैं आईपीएस चारू निगम
– नाम: चारू निगम- पद: पुलिस अधीक्षक, सुल्तानपुर- सेवा: भारतीय पुलिस सेवा (IPS)- कैडर: उत्तर प्रदेश कैडर- बैच: 2013 बैच आईपीएस अधिकारी- विशेष पहचान: सख्त लेकिन संवेदनशील पुलिसिंग एवं जनसुनवाई पर विशेष ध्यान
उन्होंने अपने पूर्व तैनाती स्थलों पर भी कानून-व्यवस्था सुधार और महिला सुरक्षा को लेकर प्रभावी कार्य किए हैं।
जनता में बढ़ा भरोसा
जिले के बुजुर्ग, महिलाएं एवं वे लोग जिनकी शिकायतें पहले नहीं सुनी जाती थीं, अब उम्मीद लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच रहे हैं। कई फरियादियों की समस्याओं का समाधान होने से पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।
पुलिस अधीक्षक चारू निगम का सुल्तानपुर कार्यकाल प्रशासनिक सख्ती और मानवीय संवेदनशीलता का संतुलित उदाहरण बनता जा रहा है। फरियादियों के सम्मान, अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पारदर्शी पुलिसिंग के कारण उनकी कार्यशैली चर्चा का विषय बनी हुई है। जनपद में कानून-व्यवस्था मजबूत करने के साथ पुलिस और जनता के बीच भरोसे की नई नींव रखी जा रही है।