टेट अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों ने भरी हुंकार। 

अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के तत्वाधान में एकजुट हुए शिक्षक।

अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के तत्वाधान में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ सहित विभिन्न शिक्षक संगठनों के बैनर तले टेट के अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों ने सोमवार को जिला मुख्यालय कचहरी से अंबेडकर पार्क तक विशाल मशाल जुलूस निकालकर सरकार के खिलाफ तानाशाही का रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए विरोध दर्ज कराया।

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सोमवार को 5 बजे कचहरी स्थित सर्किट हाउस के सामने एकत्र हुए, वहां से मशाल जुलूस के रूप में कचहरी गोलघर होते हुए अंबेडकर पार्क के पास गांधी जी की प्रतिमा के पास पहुंचकर विचार गोष्ठी में तब्दील हो गई। इस दौरान आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष सकलदेव सिंह ने कहा की सेवा के 20 वर्षों बाद गुपचुप तरीके से आरटीआई एक्ट में संशोधन कर जिस तरह से सरकार ने शिक्षकों के साथ खेल किया यदि सरकार कानून में संशोधन नहीं करती तो शिक्षक चरणबद्ध आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

वक्ताओं ने कहा कि अगस्त 2010 में आईटीआई एक्ट लागू हुआ उसे समय इसके पूर्व के शिक्षकों को टीईटी परीक्षा से मुक्ति दिया गया था लेकिन 2017 में गुपचुप तरीके से संशोधन कर सभी को अनिवार्य कर दिया, जो पूर्व में तैनात शिक्षकों के साथ धोखा है इसके पूर्व केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आक्रोशित शिक्षक अंबेडकर पार्क पहुंचे।

इस दौरान उत्तर प्रदेश की प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष सकलदेव सिंह, डॉक्टर शैलेंद्र विक्रम सिंह, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के कार्यकारी जिला अध्यक्ष ज्योति प्रकाश, संजय गुप्ता, राजीव सिंह, चंद्र प्रकाश गुप्ता, अटेवा डॉक्टर मनीष कुशवाहा, राजेश्वर सिंह, विनोद सिंह, राकेश चंद्र पाठक, जितेंद्र सिंह, रमेश यादव, दीपक पांडे, मनोज सिंह, अरविंद सिंह यादव, धर्मेंद्र सिंह, अनिरुद्ध वर्मा, उदय प्रताप सिंह, दिनेश कुमार सिंह, रमेश सिंह, राकेश तिवारी सहित सैकड़ो शिक्षक उपस्थित रहे।

Related News

7775078405805895489

Lates Post

59
Poll

भारत का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा?

Scroll to Top