टेट की अनिवार्यता को खत्म करने को लेकर शिक्षक शिक्षिकाओं द्वारा जबरदस्त विरोध प्रदर्शन एवं ज्ञापन सोपा।

26 फरवरी वाराणसी: मा० सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले से उत्पन्न शिक्षकों के अस्तित्व मान सम्मान एवं सेवा शर्ती में छेड़छाड़ के मुद्दे पर आर०टी०ई० अधिनियम 2017 में संशोधन तक जारी रहेगा परिषदीय शिक्षकों का चरणबद्ध आंदोलन। उक्त बातें टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले टेट की अनिवार्यता समाप्त करने हेतु गठित साझा मंच द्वारा 26 फरवरी को जनपद के लगभग सभी संगठनों के प्रतिनिधियों तथा शिक्षक शिक्षिकाओं के उमड़े समूह को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने एकमत से प्रस्ताव पास करते हुए कहा की मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार ‌द्वारा कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने के लिए आभार ज्ञापित करते हुये कहा कि इससे शिक्षकों को कुछ राहत जरूर मिली है किन्तु जानकार ने इसे आधी अधूरी तैयारी से उठाया हुआ गया कदम बताया क्योंकि पुनर्विचार याचिका में शिक्षकों के लिए टी०ई०टी० के लिए 2 के बजाय 5 वर्ष की समय सोना बढ़ाने की मांग इंटरमीडियट बी०टी०सी० उर्दू बी०टी०सी सी०पी०एड० डी०पी०एड० योग्यता धारी शिक्षकों के बारे में कोई उल्लेख नहीं है साथ ही उनका कहना है कि मा० सुप्रीम कोर्ट का निर्णय एन सी टी ई द्वारा दाखिल हलफनामा के आर०टी०ई० संशोधित अधिनियम 2017 के आलोक में ही दिया गया है जिसमें सरकार आर०टी०ई० 2009 के अस्तित्व में आने से पहले यानी वर्ष 2011 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को इससे मुक्त रखने का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया है।

शिक्षकों ने सर्वम्मति से मांग रखा कि सरकार सर्वप्रथम आर०टी०ई० के अधिनियम 2017 में संशोधन कर वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को टी०ई०टी० की अनिवार्यता से मुक्त करते हुये पुनर्विचार याचिका की मजबूत पैरवी कर शिक्षकों को इससे निजात दिलाये, क्योंकि अपनी सेवा के स्वर्णिम 15-30 वर्ष देने के बाद आज 50-55 वर्ष की उम्र में टी०ई०टी० की परीक्षा पास करने की अनिवार्यता न सिर्फ़ असंगत बल्कि अव्यवहारिक भी है। जिस पर मुख्यमंत्री ने सैद्धांतिक सहमति जताते हुए उनके पूर्व की सेवाओं की खुले मन से तारीफ भी की है।

ज्ञातव्य हो की उक्त बातें टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले जनपद के सभी संगठनों के प्रतिनिधियों सहित शिक्षक शिक्षिकाओं का स्वत:स्फूर्ति हुजूम कार्यालय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी परिसर से इस काले कानून को वापस लेने शिक्षकों के मान सम्मान से खिलवाड़ बंद करने विभाग को प्रयोगशाला ना बनाने शिक्षकों को अवसाद की स्थिति से निकालनें तथा मुख्यमंत्री की अब तक की मानवीय पहल की तारीफ के गगन भेदी नारे के साथ हाथों में अपनी मांगों व विभिन्न विसंगतियां लिखी तपतिया लिए हुए मीडिया एवं लोगों का ध्यान अपनी तरफ आकृष्ट करते चल रहे थे। जुलूस पुलिस लाइन चौराहा वाया गोलघर चौराहा होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय कचहरी पहुंचकर जिला अधिकारी द्वारा नामित को प्रधानमंत्री भारत सरकार को वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्ति शिक्षकों को डेट से मुक्ति हेतु संबोधित ज्ञापन सौपा गया।

उक्त बातें टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के ज्ञापन कार्यक्रम में सर्वश्री विनोद कुमार उपाध्याय कैलाश नाथ यादव रविंद्र नाथ यादव आनंद कुमार सिंह रविंद्र कुमार सिंह वीरेंद्र प्रताप सिंह सनत कुमार सिंह ज्योति भूषण त्रिपाठी अमृता सिंह यशवर्धन त्रिपाठी जितेंद्र कुमार पांडे अजय कुमार तिवारी बृजेश यादव उमाकांत शर्मा अमिताभ मिश्रा राजीव कुमार उपाध्याय आ शामिल हक पार्थेश्वर पांडे संजीव राय प्रणव यादव रामाशंकर यादव राजेश श्रीवास्तव शैलेंद्र कुमार पांडे संतोष कुमार सिंह प्रीति शुक्ला राजेश कुमार सिंह संतोष कुमार सिंह कुमारी प्रतिमा शिवजतन यादव प्रमोद कुमार सिंह सहित अन्य हजारों शिक्षक शिक्षिकाए उपस्थिति रही।

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