
सुल्तानपुर में अब फरियादियों को थाने के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं ऐसा इसलिए नहीं की सुल्तानपुर में अब पुलिस से संबंधित कोई मामला ही नहीं हो रहा बल्कि यह विगत तीन माह पहले जिले के कमान संभालने वाली चर्चित आईपीएस चारू निगम ने संभव कर दिया है अब फरियादियों और पुलिस कप्तान के बीच ”नो इन्वेस्टिगेशन नो एफआईआर फैसला ऑन द स्पॉट” वाला फार्मूला चल रहा है अभी तक सुनवाई के दौरान जहां उच्चाधिकारियों द्वारा प्रार्थना पत्र पर ही जांच कर आख्या देने का आदेश लिखकर डाक द्वारा थानेदारों को निर्देश दिया जाता था वहीं अब वर्चुअल माध्यम से पुलिस अधीक्षक लोगों की सुनवाई कर उनकी समस्याओं का तुरंत निस्तारण कर रही हैं जिससे न सिर्फ उनके कार्यालय में फरियादियों की भीड़ कम हो रही है बल्कि थानेदार भी अब तुरंत जवाब देही के लिए तैयार नजर आ रहे हैं सुबह 10 बजे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी थानेदार और सीओ को ऑनलाइन जोड़ दिया जाता है और जिस थाने की शिकायत पुलिस अधीक्षक को मिल रही है उसे थानेदार से सीधे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद कर मामले को निस्तारित किया जाता हैं क्योंकि इस कार्य प्रणाली से जहां फरियादियों में संतुष्टि है वहीं उनका समय भी बच रहा है साथ ही तुरंत मामला हल होने की वजह से वाद विवाद की संभावना भी कम हो रही है