
काशी विद्यापीठ के प्राथमिक विद्यालय मनोरथपुर में आज विश्व पुस्तक दिवस पर विद्यालय में स्थित पुस्तकालय से मन पसन्द पुस्तकें निकालकर बच्चों और शिक्षकों द्वारा मिलकर अपनी रुचि के अनुसार विभिन्न विषयों से संबंधित पुस्तकें पढ़ी गयीं तथा आपस में पाठ्यवस्तु के संदेश पर भी चर्चा किया गया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक अमिताभ मिश्र ने बताया कि पुस्तकें हमारी सच्ची मित्र होने के साथ ही आदर्श पथ प्रदर्शक और सकारात्मक सोच तथा सही सूचना का भी मजबूत जरिया हैं।
यूनेस्को द्वारा 23 अप्रैल 1995 को शुरू किए गए निर्धारित विश्व पुस्तक दिवस का उद्देश्य प्रत्येक मनुष्य में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने, कॉपीराइट के महत्व को रेखांकित करना, और पुस्तक प्रेमियों को एक मंच पर एक साथ लाना है। पुस्तकें महज कागज का पुलिंदा नहीं है अपितु वह भूतकाल से भविष्य काल को जोड़ने में एक कड़ी का काम करती हैं तथा आदर्शों एवं संस्कारों का दृढ़ प्रतिमान स्थापित करती हैं। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाध्यापक अमिताभ मिश्र यदूरिमा यादव मनसा शर्मा सुषमा पटेल इत्यादि मौजूद रहे।