
वाराणसी शहर की जानी-मानी सीनियर कराटे प्रशिक्षक एवं महिला सशक्तिकरण की प्रेरणा स्रोत ज्योति सिंह पिछले कई वर्षों से समाज में एक मिसाल बनकर उभर रही हैं । वर्ष 2012 से बहुत कम उम्र में अपने सफर की शुरुआत करने वाली ज्योति सिंह अब तक 2.5 लाख से अधिक लड़कियों एवं महिलाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दे चुकी हैं। ज्योति सिंह के इस अभियान में उनकी एक टीम जिसमे 50 से अधिक लड़कियां शामिल हैं, कार्य कर रही है। ज्योति सिंह लगातार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मिशन शक्ति, मिशन समर्थ्य, रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण, अपराजिता एवं पावर एंजेल्स जैसे महत्वपूर्ण अभियानों से जुड़कर बालिकाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का कार्य कर रही हैं। उनके प्रशिक्षण से जुड़ी कई बालिकाएं आज ब्लैकबेल्ट हासिल कर विभिन्न विद्यालयों में कार्यरत हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। ज्योति सिंह कई राष्ट्रीय पदक जीत चुकी हैं और विशेषकर लड़कियों को स्पोर्ट्स कराटे की ट्रेनिंग भी दे रही हैं। उनसे प्रशिक्षित कई लड़कियां राष्ट्रीय स्तर पर स्पोर्ट्स कराटे में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।
वर्तमान में वह महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत भी वाराणसी के रामनगर स्थित चार संस्थानों राजकीय बाल गृह (बालक), राजकीय बाल गृह (बालिका), राजकीय संप्रेक्षण गृह (बालक) एवं पश्चात्यवर्ती देख रेख संगठन में बच्चों को आत्मरक्षा एवं अनुशासन का प्रशिक्षण दे रही हैं।

ज्योति सिंह इस समय अपनी संस्था मानव अकादेमी ऑफ मार्शल आर्ट्स में सचिव के पद पर कार्यरत हैं। ज्योति सिंह के इस समर्पित कार्य को देखते हुए उन्हें समय-समय पर विभिन्न मंचों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। उनका योगदान न केवल महिलाओं की सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज में आत्मविश्वास और जागरूकता बढ़ाने में भी अत्यंत सराहनीय है। स्थानीय लोगों एवं समाज सेवियों का मानना है कि ज्योति सिंह का यह कार्य राष्ट्रीय स्तर पर पहचान का हकदार है और उन्हें उच्च सम्मान से नवाजा जाना चाहिए।