
सुलतानपुर। जनपद में संचारी रोगों की रोकथाम एवं आमजन को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। नगर क्षेत्र में साफ-सफाई, जलभराव निस्तारण तथा दवाओं के नियमित छिड़काव के माध्यम से मच्छरजनित एवं जलजनित रोगों पर प्रभावी नियंत्रण का प्रयास किया जा रहा है। अभियान की विशेष निगरानी अधिशासी अधिकारी लालचंद सरोज द्वारा स्वयं की जा रही है, जिससे व्यवस्थाओं में तेजी और प्रभावशीलता देखने को मिल रही है।
अधिशासी अधिकारी लालचंद सरोज के निर्देशन में नगर पालिका की टीमें वार्ड-वार अभियान चलाकर नालियों की सफाई, कूड़ा उठान तथा एंटी-लार्वा दवाओं का छिड़काव कर रही हैं। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी क्षेत्र में जलभराव या गंदगी की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अभियान में किन-किन दवाओं का किया जाता है छिड़काव
संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत स्वास्थ्य एवं नगर निकाय विभाग द्वारा निम्न दवाओं का उपयोग किया जाता है
– एंटी लार्वा दवा (Temephos) – मच्छरों के लार्वा नष्ट करने हेतु पानी भरे स्थानों पर
– मलेथियान (Malathion) फॉगिंग – वयस्क मच्छरों को खत्म करने के लिए
– ब्लीचिंग पाउडर – नालियों एवं गंदे पानी वाले स्थानों के संक्रमण नियंत्रण हेतु
– सोडियम हाइपोक्लोराइट घोल – सार्वजनिक स्थानों व संक्रमित क्षेत्रों के सैनिटाइजेशन के लिए
– पाइरेथ्रॉइड आधारित दवाएं – मच्छर एवं कीट नियंत्रण के लिए
अभियान के दौरान बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियां
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए निम्न सावधानियां अपनाने की सलाह दी है
– घर एवं आसपास पानी जमा न होने दें
– कूलर, गमले और टंकियों का पानी नियमित बदलें
– मच्छरदानी या रिपेलेंट का प्रयोग करें
– खुले में कूड़ा न फेंकें और सफाई बनाए रखें
– बच्चों एवं बुजुर्गों को पूरी बाजू के कपड़े पहनाएं
– बुखार, खांसी या उल्टी-दस्त के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें
प्रशासन की अपील
अधिशासी अधिकारी लालचंद सरोज ने कहा कि संचारी रोगों से बचाव केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि सफाई व्यवस्था बनाए रखने में नगर पालिका का सहयोग करें और किसी भी समस्या की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें।
अभियान के चलते नगर क्षेत्र में जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है, जिससे लोगों को डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया एवं अन्य संचारी रोगों से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा सके।