सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में अन्तरसंकाय खेल कूद प्रतियोगिता का सफल शुभारम्भ।

खेल कूद छात्रों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा

वाराणसी सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के अंतर्गत आयोजित अन्तरसंकाय वार्षिक खेल कूद प्रतियोगिता का आज दिनांक 11 फरवरी 2026 को विश्वविद्यालय परिसर स्थित क्रीड़ांगण में सफल शुभारम्भ हुआ।

प्रतियोगिता के प्रथम दिन प्रातः 8:30 बजे से एथलेटिक्स गोला फेंक तथा प्रातः 9:30 बजे से चक्र फेंक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न संकायों के छात्र छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता किए जिसमें गोला फेंक पुरुष प्रतियोगिता में रवि दीक्षित प्रथम अंकित मिश्रा द्वितीय प्रशान्त मिश्रा तृतीया स्थान पर रहे। गोला फेंक महिला प्रतियोगिता में अर्चना मौर्या प्रथम रीना कुमारी द्वितीय शर्मिष्ठा आर्या तृतीय स्थान पर रहीं। उसी प्रकार चक्का फेंक पुरुष प्रतियोगिता में बृजेश तिवारी प्रथम रहीश मिश्रा द्वितीय अंकित मिश्रा तृतीय स्थान पर रहे तथा चक्का फेंक महिला प्रतियोगिता में अर्चना मौर्या प्रथम रीना कुमारी द्वितीय शर्मिष्ठा आर्या तृतीय स्थान पर रहीं।

खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

प्रतियोगिता का आयोजन विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा एवं क्रीड़ा विभाग के प्रभारी एवं सचिव डॉ. सत्येन्द्र कुमार यादव के संयोजकत्व में किया जा रहा है। आयोजन को सफल बनाने में विभागीय अधिकारियों प्रशिक्षकों एवं कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा।

ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने प्रतिभागी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेलकूद छात्रों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। इससे शारीरिक सुदृढ़ता के साथ साथ अनुशासन आत्मविश्वास एवं नेतृत्व क्षमता का भी विकास होता है। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

आज सम्पन्न हुई प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा एवं खेल भावना का उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिला। दर्शकों ने भी खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। उक्त अवसर पर डॉ० सत्येन्द्र कुमार यादव ने कहा कि खेलों में पतिभाग करने से व्यक्तिगत लक्ष्यों को प्राप्त करने और प्रतियोगिता में जीतने से आत्मविश्वास बढ़ता है। यह तनाव को कम करने और मानसिक शक्ति को बढ़ाने के लिए एक अच्छा आउटलेट है।

तीव्र शारीरिक गतिविधि के कारण यह कार्डियोवस्कुलर सहनशक्ति को बेहतर बनाता है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए आगामी स्पर्धाओं में भी इसी उत्साह के साथ भाग लेने का आह्वान किया।

प्रतियोगिता के आगामी दिनों में कबड्डी वॉलीबॉल शतरंज एवं बैडमिंटन सहित अन्य खेल स्पर्धाओं का आयोजन किया जाएगा।

प्रतियोगिता धनुर्विद्या प्रशिक्षक आदित्य कुमार के सहयोग से सम्पन्न हुई।उस दौरान प्रो० विशाखा शुक्ला डॉ० विजेन्द्र आर्य सहित आचार्यगण एवं भारी संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

 

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