सांस्कृतिक मंत्रालय उत्तर प्रदेश एवं आर्य महिला द्वारा आयोजित गोष्ठी एवं प्रतियोगिता।

आज दिनांक 20 अप्रैल 2026 महर्षि ज्ञानानन्द महाराज सभागार आर्य महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चेतगंज, वाराणसी में अन्तर्राष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान, अयोध्या (संस्कृति विभाग, उ.प्र.) एवं आर्य महिला नागरमल मुरारका मॉडल स्कूल चेतगंज, वाराणसी के संयुक्त तत्वाधान में नारी शक्ति वंदन के अंतर्गत ‘सीता तत्व परिसंवाद एवं रामायण शक्ति तत्व उत्सव’ के परिप्रेक्ष्य में एकदिवसीय संगोष्ठी, संभाषण प्रतियोगिता एवं सांस्कृतिक उत्सव का शुभारम्भ करते हुये मुख्य अतिथि महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरी ने कहा, कि माता सीता का व्यक्तित्व केवल त्याग की प्रतिमूर्ति नहीं, बल्कि वह धैर्य, साहस और आत्मसम्मान का वह सर्वोच्च शिखर हैं, जिसने युगों-युगों से भारतीय नारी को शक्ति प्रदान की है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ‘सीता तत्व’ असल में शक्ति तत्व है। वह विदुषी हैं, राम की सहधर्मिणी के रूप में चट्टान की तरह अडिग रहने वाली शक्ति हैं। महाभारत काल से महिलाएं अपने हक के लिए लड़ने की प्रेरणा लेती रही है। नारी समाज को सुधार सकती है। शिक्षित और सशक्त बना सकती है। हमारे प्रधानमंत्री नारी के प्रति संवेदनशील है। हरियाणा में बेटे बेटियों के अनुपात को ठीक करने के लिए उन्होंने वहां के पंचायत से भ्रूण हत्या बंद करने की मांग की। महिलाओं का बैंक में खाता खुलवाया ,प्रधानमंत्री आवास महिलाओं , को दिया इज्जत घर एवं उज्जवला योजना सब महिलाओं के लिए। आज इस अवसर पर मुझे यहां आने का अवसर मिला उसके लिए आयोजक मंडल को धन्यवाद और उपस्थित सभी नारी शक्ति को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

कार्यक्रम की आयोजक श्रीमती पूजा दीक्षित ने अपने संबोधन ने कहा सांस्कृतिक मंत्रालय उत्तर प्रदेश से यह कार्यक्रम वाराणसी में आर्य महिला को मिला यह हमारे लिए गर्व की बात है। आज यहां उपस्थित बच्चियों में से ही आगे कोई ना कोई निर्णायक भूमिका में होगी। हम सभी से अनुरोध करते हैं कि

जो सरकार महिलाओं के हित का काम करेगी हम उसका समर्थन करते रहेंगे।

कार्यक्रम की शुरुआत जयेन्द्र कुमार निदेशक अन्तर्राष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान, अयोध्या (संस्कृति विभाग, उ.प्र.) प्रो. सुचिता त्रिपाठी पूर्व प्रान्त अध्यक्ष, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद्, प्रो. जया मिश्रा संस्कृत विभागाध्यक्षा, ए.एम.पी.जी. कालेज, ने दीप प्रज्जवलन कर किया। इस अवसर पर संभाषण प्रतियोगिता में आर्य महिला पी.जी. कालेज एवं आर्य महिला एन.एम.माडल स्कूल की छात्राओं ने भाग लिया, काव्यार्चन में कवयित्री श्रीमती अंजू चौबे एवं श्रीमती करूणा सिंह कविता पाठ सीता तत्व परिसंवाद एवं रामायण शक्ति के पाठ के माध्यम से नारी के विविध स्वरूपो को प्रस्तुत कर लोगो को अभिभूत कर दिया। विद्यालय की छात्राओं द्वारा नारी शक्ति समुह गायन एवं नृत्य नाटिका के माध्यम से रामायण के विभिन्न स्त्रि पात्रो के संवादो एवं भाव भंगिमाओं के माध्यम से ऐतिहासिक पात्रो के परिप्रक्ष्य में वर्तमान नारी की मनोस्थिति को दर्शाया इस प्रस्तुति ने तो उपस्थित लोगो को मन्त्रमुग्ध कर भावविहवल कर दिया, इस पर छात्राओ ने खुब बाहबाई बटोरी। यह अयोजन महज आयोजन ही नहीं नारी सशक्तिकरण का संदेश था जिससे आज की नारी सशक्त होगी तो समाज आगे बढ़ेगा और राष्ट्र एक नई दिशा की तरफ अग्रसर होगा। इस अवसर पर साक्षी यादव को प्रथम, श्रेयधी पाण्डेय को द्वितयी, परि जायसवाल एवं सृष्टि सिंह को तृतीय पुरस्कार एवं अर्पिता त्रिपाठी को सान्तावना पुरस्कार के साथ 79 छात्राओ को प्रमाण पत्र दिया गया। कार्यक्रम का संचालन समन्वयक श्रीमती दीपा जोशी ने एवं धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती अंजना दीक्षित ने किया। इस अवसर पर छात्र छात्राये, शिक्षक शिक्षिकाये एवं सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।

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