हाईकोर्ट ने भाजपा नेता अर्जुन पटेल व भाई के खिलाफ कार्रवाई रद्द की

सुलतानपुर।दोस्तपुर थाना क्षेत्र के गौसिंहपुर में करीब डेढ़ साल पहले हुए संतराम हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है। लखनऊ हाईकोर्ट ने भाजपा नेता अर्जुन पटेल और उनके भाई प्रदीप के खिलाफ पुलिस द्वारा की गई कुछ कार्रवाईयों को रद्द कर दिया है। अदालत ने यह निर्णय सुनाते हुए संबंधित प्रक्रिया में खामियों का हवाला दिया है।बताया जा रहा है कि इस हत्याकांड में भाजपा नेता अर्जुन पटेल और उनके भाई प्रदीप पर साजिश रचने का आरोप लगाया गया था। पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट होकर अर्जुन पटेल ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 84 के तहत जारी उद्घोषणा को निरस्त कर दिया।अदालत ने अपने आदेश में कहा कि यह उद्घोषणा बिना समन की प्रति चस्पा किए सीधे जारी कर दी गई थी, जो निर्धारित प्रक्रिया का उल्लंघन है। धारा 84 के तहत उद्घोषणा रद्द होने के बाद अदालत ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 209 के तहत शुरू की गई कार्यवाही को भी निरस्त कर दिया।हालांकि हाईकोर्ट ने निचली अदालत को यह स्वतंत्रता दी है कि वह आवेदक अर्जुन पटेल के खिलाफ कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई कर सकती है।उल्लेखनीय है कि इस हत्याकांड में हाल ही में एसपी चारू निगम ने दोनों भाइयों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। वहीं डीआईजी अयोध्या जोन सोमेंन वर्मा ने भी दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।गौरतलब है कि बीते 8 अक्टूबर 2024 को गौसिंहपुर गांव में संतराम अग्रहारी की उनके घर के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद मामले में एक नया मोड़ आ गया है।

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