अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन (विदिशा शाखा) द्वारा अक्षय तृतीया पर सेवा कार्यों की सरिता। 

वाराणसी ​विदिशा। ‘नर सेवा ही नारायण सेवा है’ के संकल्प को चरितार्थ करते हुए, अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन की विदिशा शाखा द्वारा अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर विविध सेवा कार्यों का आयोजन किया गया। भक्ति और सेवा के इस संगम में संस्था की महिलाओं ने न केवल मानव सेवा, बल्कि मूक पक्षियों के प्रति भी अपनी संवेदनशीलता प्रदर्शित की।

​श्रद्धालुओं और राहगीरों को वितरित किया ‘खिचड़ी प्रसाद’

​अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर कार्यक्रम का शुभारंभ दशाश्वमेध रोड स्थित खिचड़ी बाबा मंदिर से हुआ। यहाँ विदिशा शाखा की ओर से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें मंदिर आने वाले सभी भक्तों, निर्धन दर्शनार्थियों और राहगीरों को श्रद्धापूर्वक खिचड़ी प्रसाद वितरित किया गया। भीषण गर्मी के बीच प्रसाद पाकर श्रद्धालुओं के चेहरों पर संतोष की मुस्कान दिखाई दी।

​शीतल जल हेतु ‘प्याऊ’ का उद्घाटन

​बढ़ती तपन और राहगीरों की प्यास को देखते हुए संस्था द्वारा महमूरगंज में आकाशवाणी के सामने, हनुमान मंदिर के पास एक अस्थाई प्याऊ का उद्घाटन किया गया। पेट्रोल पंप के समीप स्थित इस प्याऊ के माध्यम से राहगीरों और जरूरतमंदों के लिए शीतल जल की सुचारू व्यवस्था की गई है। सदस्यों का मानना है कि इस चिलचिलाती धूप में राहगीरों को ठंडा पानी उपलब्ध कराना सबसे बड़ा पुण्य है।

​मूक पक्षियों के लिए ‘दाना-पानी’ अभियान

​पर्यावरण और जीव दया के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए, शाखा की सदस्याओं ने अक्षय तृतीया पर पक्षियों की सेवा का अनूठा संकल्प लिया। अनेक सदस्यों ने अपने घरों की बालकनी और छतों पर पक्षियों के लिए दाना और पानी के पात्र रखे, ताकि इस भीषण गर्मी में बेजुबान पक्षियों को राहत मिल सके।

​इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति:

इन पुनीत कार्यों को सफल बनाने में संस्थापिका अध्यक्षा मधु तुलसियान, अध्यक्ष सरोज तुलस्यान, सचिव प्रीति बाजोरिया और कोषाध्यक्ष चंदन खेमका का विशेष मार्गदर्शन रहा।

​साथ ही सुनीता कंदोई, समता डीडवानिया, सारिका प्रकाश, किरण तुलसियान, मंजू तुलसियान, कृष्णा चौधरी, अलका बाजोरिया और मीनू पोद्दार ने सक्रिय सहभागिता निभाई। युवा मंच की ओर से महेश चौधरी, कृष्ण गोपाल तुलसियान और प्रदीप तुलस्यान ने भी उपस्थित रहकर सेवा कार्यों में अपना अमूल्य सहयोग प्रदान किया।​”अक्षय तृतीया का दिन दान और सेवा के लिए अक्षय फल देने वाला होता है। हमारी संस्था का प्रयास है कि समाज के हर वर्ग और जीव-जंतुओं तक मदद पहुँच सके।”

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