पूज्य भंते के. सिरी. सुमेध थेरो के नेतृत्व में।

वाराणसी। (बौद्धायन सोसाइटी) द्वारा दिनांक 15 मई 2026 से 15 जून 2026 तक एक महीने की (अभिनय कार्यशाला) सारनाथ स्थित जम्बूद्वीप श्रीलंका मन्दिर में आयोजित की गई। यह कार्यशाला प्रतिदिन सायं 4 सै 6 बजे तक चला करेगी। आज 15 मई को मुख्य अतिथि माननीय रवीन्द्र जायसवाल, स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क मंत्री द्वारा दीप प्रज्वलन कर इसका शुभारम्भ किया गया। अध्यक्षता जम्बूद्वीप श्रीलंका बुद्ध मन्दिर के विहाराधिपति पूज्य भंते के. सिरी. सुमेध थेरो ने की। संस्था के अध्यक्ष प्रो. श्रद्धानंद ने अतिथियों का स्वागत तो वहीं सचिव डाॅ. मञ्जरी पाण्डेय ने इस कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। पूर्व डी.आई.जी. डाॅ. दयानिधि मिश्र ने आशीर्वचन तथा नाट्य निर्देशक बालमुकुन्द त्रिपाठी ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत की। वरिष्ठ रंगकर्मी अविनाश पाण्डेय ने भी अभिनय पर अपना वक्तव्य दिया। छठीं कक्षा से वरिष्ठ नागरिक तक पंजीकृत प्रतिभागियों ने अपना-अपना परिचय दिया। तत्पश्चात मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन मे बताया कि नाटक के माध्यम से समाज और राष्ट्र का सम्यक् विकास हो सकता है। इस प्रशिक्षण से सारनाथ रंगमंच की महत्वपूर्ण स्थापना हो रही है। ये सारनाथ के गौरव का हिस्सा बनेगी। अध्यक्षीय उद्बोधन में भंते सुमेध थेरो ने आशीर्वाद व शुभकामनाओं के साथ बताया कि सारनाथ में भगवान बुद्ध का प्रथम उपदेश जिस तरह विश्वव्यापी हुआ इसी तरह सारनाथ में आयोजित इस (प्रथम अभिनय कार्यशाला) का भी व्यापक प्रभाव दिखाई देगा डाॅ. अभय जैन के धन्यवाद ज्ञापन के साथ उद्घाटन सत्र का समापन हुआ। द्वितीय सत्र में नाट्य निर्देशक बालमुकुन्द त्रिपाठी ने अभिनय की मूल अवधारणा पर वक्तव्य दिया।वहीं सहायक निर्देशक अविनाश पाण्डेय ने आत्मविश्वास के विकास एवं मंच पर भयमुक्त होने के गुर बताए। इस अवसर पर पार्षद अभय पाण्डेय, डाॅ. अभय जैन, डाॅ. भारत भूषण, अजय पाठक, शिवपूजन मौर्य, देवेन्द्र पाण्डेय, डाॅ. लक्ष्मीकांत भारतीय, आर.एन.तिवारी, शशि श्रीवास्तव, योगेन्द्र सिन्हा, वरिष्ठ रंगकर्मी डाॅ. दीपक, वीणा सहाय, प्रवीण श्रीवास्तव, मिथिलेश दुबे, संगीता श्रीवास्तव अनेक गणमान्य अतिथियों व रंगकर्मियों की गरिमामय उपस्थिति प्रार्थनीय रही। शुभारंभ के दिन 15 प्रतिभागियों ने पंजीकरण भी कराया।