रम•ान का महीना मुसलमानों के लिए सबसे पवित्र महीना माना जाता है। यह महीना इबादत का महीना होता है। यह माह रहमत व बरकत ले कर आता है। हर मुसलमान को चाहिए कि इसमें तमाम तरह की बुराई से दूर रहे, अपने विचारों में शुद्धता रखे, किसी को नुकसान न पहुंचाये, ज्यादा वक्त इबादत में गुजारे।इस महीने में मस्जिदों में कुरान तरावीह पढ़ाई जाती है। जिसे हाफिज ए कुरान जिन्हें कुरान पूरी तरह से कंठस्थ रहती है, पढ़ाते हैं। क्षेत्र के ताज खानपुर बहादुरपुर के ताज मस्जिद में कुरआन तरावीह मुकम्मल हुई।हाफिज इलियास साहब ने पहले रोजे से बाद नमा•ा ईशा के तरावीह शुरु की थी। नमा•ा पूरी होते ही नमाजियों ने एक दूसरे को मुबारक बाद दी तथा हाफिज इलियास साहब को फूल माला पहना कर स्वागत किया। तत्पश्चात फातिहा ख्वानी वगैरह हुई। सभी को शिरनी तकसीम हुई। इस दौरान सबकी खुशहाली, देश व राज्य की तरक्की, अमन, चैन, शांति की दुआ मांगी गयी। मौके पर हाफिज इलियास साहब ने कहा कि साल के 11 माह में नेकियो का बदला अल्लाह फरिश्तों से दिलवाता हैं, लेकिन रमजान माह में जो नेकी करते हैं, उसका बदला अल्लाह खुद देते हैं. उन्होंने लोगों से रोजा रखने, कुरान की तिलावत करने व इबादत करने की बात कही. उन्होंने लोगो से रमजान में दिन का रोजा रखने और रात का तरावीह का नमाज एहतेमाम के साथ पढ़ने की बात कही इस अवसर पर मस्जिद के मुअज्जिन मुजफ्फर हुसैन,सिराजुल हसन, तैय्यब अंसारी, मो0इजहार उर्फ अज्जू खान, आफाक अंसारी ,इरशाद उर्फ मुन्ना,अब्दुल समद खान,नजर खान, मुस्ताक खान,अंसार खान,सेराज खान,सुहेल खान,मुस्तकीम खान,मुन्ना कैप्टन टेलर्स,राजिक खान, अरकम खान,समेत काफी संख्या में मुस्लिम धर्मावलंबी उपस्थित थे।इसकी जानकारी खुद सरवर खान प्रधान ने दी।
ताजखानपुर बहादुरपुर गाँव के ताज मस्जिद में रमजान के महीने में विशेष नमाज तरावीह मुकम्मल हुई।
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