दालमंडी प्रकरण में सपा नेताओं को किया गया नजरबंद।

जिला मुख्यालय की ओर कूच कर रहे सपाइयों को पुलिस ने बल पूर्वक रोका।

अधिग्रहण में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा_वीरेंद्र सिंह

दैनिक भीम वार्ता/संवाददाता जमील अख्तर वाराणसी 

वाराणसी 22 फरवरी शहर के दालमंडी क्षेत्र चौड़ीकरण के नाम पर स्थानीय नागरिकों व्यापारियों धार्मिक संस्थाओं और किरायेदारों के उत्पीड़न के खिलाफ आज समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधि मंडल दोपहर 2:30 बजे दालमंडी जाने वाला था लेकिन कल रात से ही अधिकांश नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया गया। कुछ नेता घर छोड़कर हट गए थे वे पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ पाए। नेता प्रतिपक्ष विधान परिषद उत्तर प्रदेश श्री लाल बिहारी यादव को लखनऊ में ही नजर बंद कर दिया गया। प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व इन्हीं को करना था। स्नातक एमएलसी आशुतोष सिंहा को लखनऊ से आते समय बाबतपुर में रोक कर पुलिस चौकी पर बिठाया गया। सांसद वीरेंद्र सिंह को दिल्ली से आते समय एयरपोर्ट पर पुलिस प्रशासन द्वारा रोक दिया गया। जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़ के आवाहन पर पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को जिला कार्यालय पर बुलाया गया वहीं से दालमंडी जाने की योजना बनाई गई लेकिन देखते ही देखते पूरे कार्यालय परिसर एवं कार्यालय के बाहर पुलिस एवं पीएसी की भारी फोर्स लगा दी गई। जिलाध्यक्ष द्वारा पुलिस प्रशासन से बात की गई की सांसद वीरेंद्र सिंह, स्नातक एमएलसी आशुतोष सिंहा के साथ तीन और लोगों को दालमंडी जाने की अनुमति प्रदान की जाए जिसको जिला प्रशासन ने खारिज कर दिया। इसके पश्चात जिलाध्यक्ष ने जिलाधिकारी को संबोधित पत्रक देने के लिए कचहरी मुख्यालय तक जाने की बात कही उसको भी पुलिस प्रशासन द्वारा खारिज कर दिया गया। इसके उपरांत सपाई उग्र होते हुए कार्यालय से बाहर नारेबाजी करते हुए निकल पड़े। सपाई जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए मुख्यालय की ओर धक्का मुक्की करते हुए आगे बढ़ रहे थे तभी पीएसी के जवानो द्वारा भोजूबीर तिराहा दूध मंडी के पास रोक लिया गया वहीं पर मौजूद एडीएम सिटी आलोक वर्मा ने कहा कि जो भी पत्रक देना है आप मुझे यहीं पर दे दीजिए इसके आगे हम आप लोगों को जाने नहीं देंगे। जिलाधिकारी को संबोधित मांग पत्र एडीएम सिटी को सौंपा गया। इसके बाद सपाई वापस कार्यालय परिसर में चले गये। सांसद और विधायक को बाबतपुर में रोके जाने की बात जब पार्टी के नेताओं कार्यकर्ताओं को पता लगी तो वे लोग बाबतपुर की तरफ चल दिए अभी यह लोग हरहुआ ही पहुंचे थे की सांसद और विधायक को पुलिस द्वारा छोड़ दिया गया। जहां से सभी लोग सीधे सांसद वीरेंद्र सिंह के आवासीय कार्यालय टैगोर टाउन पहुंचे।

वहां पर पहले से मौजूद पत्रकार साथियों से बातचीत करते हुए सांसद चंदौली वीरेंद्र सिंह ने कहा कि दालमंडी परियोजना से जुड़े प्रकरण में भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के दिशा-निर्देशों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब चौक और नईसड़क की मेन सड़क 12 मीटर चौड़ा है तो दालमंडी की गली 17 मीटर चौड़ा करने का क्या औचित्य है। जब उत्तर प्रदेश सरकार ने कैबिनेट के जरिए डीएम को अधिकार दिए थे कि विश्वनाथ कॉरिडोर में मार्केट रेट से 4 गुना से लेकर 8 गुना तक उनके दाम निर्धारित करके उनके जमीन का अधिग्रहण किया जाए लेकिन यह रवैया दालमंडी प्रकरण में जमीनों व मकानो पर क्यों नहीं किया जा रहा है। जहां तक किराएदार व्यापारियों का सवाल है भारत के संविधान में टेनेंट एक्ट उनका संरक्षण देता है। टेनेंट एक्ट कहता है कि जबरदस्ती किसी को उनकी दुकानों मकानो से आप बेदखल नहीं कर सकते। उनको पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए। उन्होंने आगे बताया कि यहां मौजूद पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं से बातचीत करके आगे की रणनीति तय की जाएगी।

स्नातक एमएलसी आशुतोष सिंहा ने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा अन्याय के विरुद्ध खड़ी रही है। और आगे भी खड़ी रहेगी सरकार की दमनकारी नीतियों से डरने वाली नहीं है। पुलिस के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मुद्दा सदन में उठाऊंगा।

जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़ ने कहा कि प्रशासन से मेरा अनुरोध है की वर्णित कानून के अनुसार अधिग्रहण की कार्रवाई करें और सहमति के आधार पर वहां पर विकास का कार्य करें ताकि वहां के लोगों को न्याय मिल सके।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से सर्वश्री जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़ रीबू श्रीवास्तव प्रदीप जायसवाल जिला प्रवक्ता संतोष यादव बबलू एडवोकेट किशन दीक्षित डा० ओपी सिंह राजू यादव उमेश प्रधान लालू यादव भीष्म नारायण सिंह ईशान श्रीवास्तव अरविन्द सिंह यादव चंद्रशेखर सिंह विकाश यादव बच्चा गोपाल पाण्डेय हीरू यादव संगीता पटेल रामकुमार यादव लवकुश पगड़ी समन यादव अनिल पटेल मनोज सिंह गोलू उपाध्याय अयाज खान सहित सैकड़ो लोग उपस्थित थे।

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