
वाराणासी 25 नवम्बर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उ0प्र0 के बैनर तले आज बिजली के निजीकरण के विरुद्ध 363वें दिन भी बनारस के बिजलकर्मियो ने निजीकरण के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद की साथ ही संघर्ष समिति के आह्वान पर आज बिजली कर्मियों ने कर्मचारियों के बीच व्यापक जन सम्पर्क कर बिजली के निजीकरण के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन के एक वर्ष पूरे होने पर दिनाँक 27 नवंबर 2025 को भिखारीपुर स्थित प्रबन्ध निदेशक कार्यालय पर होने वाले प्रदर्शन की तैयारी की।
वक्ताओ ने कहा है कि निजीकरण के विरोध में आन्दोलन तब तक जारी रहेगा जब तक निजीकरण का निर्णय निरस्त नहीं किया जाता और आन्दोलन के फलस्वरूप की गयी समस्त उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां वापस नहीं ली जाती हैं।
वक्ताओ ने बताया कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के निर्णय को निरस्त कराने हेतु आगामी 30 नवम्बर को लखनऊ में सभी जनपदों के संघर्ष समिति के संयोजकों की बैठक बुलाई गयी है जिसमें आन्दोलन को तेज करने का निर्णय लिया जायेगा। इसके पहले 27 नवम्बर को प्रदेश के समस्त जनपदों में निजीकरण के विरोध में व्यापक विरोध प्रदर्शन की तैयारी है।
संघर्ष समिति ने बताया कि विद्युत नियामक आयोग द्वारा स्वीकृत आकड़ों के अनुसार दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का वास्तविक डिस्ट्रीब्यूशन लॉस 15.53 प्रतिशत आ गया है। इसी प्रकार पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम का डिस्ट्रीब्यूशन लॉस 16.23 प्रतिशत आ गया है। संघर्ष समिति ने बताया कि विद्युत नियामक आयोग द्वारा दिये गये लक्ष्य के अनुसार 2029-30 तक दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम की लाइन हानियां 11.83 प्रतिशत और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम की लाइन हानियां 11.95 प्रतिशत लाने की योजना पर बिजली कर्मी पूरे प्रयास से कार्यरत हैं। ऐसे में अनावश्यक तौर पर निजीकरण का शगूफा छोड़कर पॉवर कारपोरेशन के शीर्ष प्रबन्धन ने ऊर्जा निगमों में कार्य का वातावरण बिगाड़ रखा है।
सभा को सर्वश्री ओ0पी0 सिंह जिउतलाल अंकुर पाण्डेय मदन श्रीवास्तव रंजीत पटेल रमेश कुमार धनपाल सिंह भैयालाल पटेल राजेश पटेल धर्मेन्द्र यादव सुशांत कुमार एस0के0 सरोज आदि ने संबोधित किया।


