पूर्वांचल सहित अन्य जगहों पर वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग के नाम पर संविदा कर्मियों की छंटनी।

नियमित कर्मचारियों का दूर स्थानांतरण एवं मेरठ में अभियंताओं व जूनियर इंजीनियरों के निलंबन से बिजली कर्मियों में भारी आक्रोश :


वाराणासी-01अप्रैल2026 विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के बैनर तले आज पूरे प्रदेश की भांति ही बनारस में बिजलिकर्मियो ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग के नाम पर की जा रही मनमानी कार्यवाहियों,संविदाकर्मियों की छटनी एवं 20-40बार रिपेयर किये गए पुराने ट्रांसफार्मर के क्षतिग्रस्त होने पर अवर अभियंता एवं अभियंताओं पर मनमाने ढंग से उसका प्रकीर्ण डालने से पूरे प्रदेश के बिजली कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियरों, अभियंताओं एवं संविदा कर्मियों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया और कहा कि इतने सुंदर विभाग को केवल अपनी कमी छिपाने के उद्देश्य की पूर्ति हेतु ये सारी कार्यवाही अध्यक्ष पावर कारपोरेशन द्वारा किया जा रहा है जबकि सच तो ये है कि उनको इस विभाग के बारे में कुछ पता ही नही है अध्यक्ष महोदय से ज्यादा तो पूर्वांचल के प्रबंध निदेशक को पता है।
बिजलिकर्मियो ने कहा कि प्रबंधन ये बताए कि नये ट्रांसफार्मर क्यों नही जल रहे 20 से 40 बार रिपेयर किये पुराने ट्रांसफार्मर ही क्यों जल रहे?,पुराने ट्रांसफार्मर के जलने पर प्रकीर्ण डालना पूर्ण रूप से तानाशाही का प्रमाण है।
संघर्ष समिति ने कहा इस बार गर्मी में संविदाकर्मीओ की वापसी नही हुई तो बिजली व्यवस्था ध्वस्त होना निश्चित है क्योंकि पूर्वांचल में लगभग 2 हजार सहित बनारस में 400 से ज्यादा संविदाकर्मियों की छटनी हुई है और आगे भी करने की तैयारी है जो अभी तक विधुत विभाग की छवि कर्मचारियों ने अथक परिश्रम से अच्छी बनाई थी वो अब धूमिल हो रही है जिसके लिये जिम्मेदार विधुत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को बनाया जा रहा है जबकि सच तो ये है कि इसके पूरे जिम्मेदार अध्यक्ष पावर कारपोरेशन है जिनके गलत नीतियों ने विधुत व्यवस्था बेपटरी हुई है।
संघर्ष समिति ने कहा कि राजधानी लखनऊ सहित अयोध्या, मेरठ और अन्य शहरों में लागू की गई वर्टिकल व्यवस्था पूरी तरह विफल साबित हो रही है,वर्टिकल व्यस्था के नाम पर लगातार संविदाकर्मियों की छंटनी होने से बिजली व्यवस्था पटरी से उतर गई है। अपनी विफलता स्वीकार करने के बजाय प्रबंधन अब इसका ठीकरा कर्मचारियों पर फोड़ते हुए दमनात्मक कार्यवाहियां कर रहा है।
संघर्ष समिति ने बताया कि अयोध्या में एक ही आदेश के तहत 52 अत्यंत अल्प वेतनभोगी संविदा कर्मियों को नौकरी से निकाल दिया गया, जिससे उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
संघर्ष समिति ने आशंका व्यक्त की कि आगामी गर्मियों में बिजली आपूर्ति में संभावित व्यवधानों के लिए कर्मचारियों एवं अभियंताओं को दोषी ठहराने की मंशा से ही यह उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की जा रही है।
संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां तत्काल बंद नहीं की गईं और संघर्ष समिति के साथ सार्थक संवाद शुरू नहीं किया गया, तो पूरे प्रदेश में और व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।
सभा को सर्वश्री राजेन्द्र सिंह,ई0 एस0के0 सिंह,अंकुर पाण्डेय,राजेश सिंह,पंकज यादव,मनोज जैसवाल,बंशीलाल,अरुण पटेल,आशुतोष राय, आदि ने संबोधित किया।

Related News

7775078405805895489

Lates Post

0
Poll

भारत का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा?

Scroll to Top

Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/diknhhsi/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493

Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/diknhhsi/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493