
वाराणसी 10 जनवरी 2026
अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कलाकार लेखक शिक्षाविद् एवं सांस्कृतिक कार्यकर्ता Chawky Frenn को कला मानव गरिमा शांति और मानवाधिकारों के क्षेत्र में उनके आजीवन एवं असाधारण योगदान के लिए जन मित्र सम्मान जन मित्र अवार्ड से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान पूर्व जन मित्र सम्मान प्राप्तकर्ताओं चंद्र मिश्रा तथा सुरेश नायर के कर कमलों द्वारा प्रदान किया गया। यह क्षण न्याय लोकतंत्र और मानवीय मूल्यों के लिए सतत संघर्ष की परंपरा और एकजुटता का प्रतीक रहा।
जन मित्र सम्मान समारोह का आयोजन 10 जनवरी 2026 को दोपहर 1:00 बजे पीवीसीएचआर कार्यालय पांडेयपुर वाराणसी में किया गया। कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन People’s विजिलेंस कमिटी ऑन ह्यूमन राइट्स PVCHR जन मित्र न्यास तथा मिर्ज़ा ग़ालिब लिटरेचर & आर्ट ग्लोबल क्लब द्वारा किया गया।
जन मित्र सम्मान उन व्यक्तित्वों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने कला संस्कृति और शिक्षा को मानव गरिमा और सामाजिक न्याय की रक्षा का सशक्त माध्यम बनाया है। प्रो. फ्रेन की कला ने युद्ध सत्ता पूंजी और बहिष्करण की अमानवीय संरचनाओं को चुनौती देते हुए हाशिये पर खड़े समुदायों की आवाज़ को वैश्विक मंच दिया है।

सम्मान स्वीकार करते हुए प्रो. चॉकी फ्रेन ने कहाःशिक्षण नेतृत्व और शोध के माध्यम से कला की उस जिम्मेदारी और शक्ति को सामने लाने के लिए किए गए आजीवन कार्य को मान्यता मिलना मेरे लिए बड़े सम्मान की बात है। कला अपने समय की साक्षी होती है और प्रभुत्वशाली आख्यानों को चुनौती देती है। इस अर्थपूर्ण सम्मान के लिए मैं डॉ. लेनिन रघुवंशी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।
फुलब्राइट नेहरू स्कॉलर रह चुके प्रो. फ्रेन वर्तमान में जॉर्ज मसों यूनिवर्सिटी में अध्यापन कर रहे हैं। उनकी कलाकृतियों अमेरिका यूरोप मध्य पूर्व और भारत में प्रदर्शित हो चुकी हैं और लोकतंत्र अन्याय एवं मानवीय पीड़ा पर उनके सशक्त हस्तक्षेप के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराही गई हैं।
आयोजकों ने कहा कि जन मित्र सम्मान केवल कला का नहीं बल्कि नैतिक साहस मानवीय प्रतिबद्धता और उत्पीड़ित समुदायों के साथ अटूट एकजुटता का सम्मान है।
समारोह का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि जब कला विवेक और करुणा से जुड़ती है तब वह शांति न्याय और सामाजिक परिवर्तन की सबसे सशक्त आवाज बन जाती है।


