
वाराणसी पेंशन अपडेशन सहित लंबित मांगों को लेकर ऑल इंडिया बैंक रिटायरिज फेडरेशन AIBRF के बैनर तले बैंक के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने सेन्ट्रल बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय लंका वाराणसी पर विशाल धरना प्रदर्शन किया। ए.आई.बी.आर.एफ. संगठन के सार्वजनिक बैंकों के 3 लाख से अधिक सदस्य हैं। रिज़र्व बैंक की तर्ज पर पेंशन अपडेशन वर्ष 2012 के बाद के सेवानिवृत कर्मचारियों को विशेष भत्ते पर सेवा निवृत लाभ आईबीए की समूह चिकित्सा बीमा पर शुन्य जीएसटी जिसका प्रिमियम रिटायर्ड कर्मचारियों द्वारा व्यक्तिगत रूप से भुगतान किया जाता है सरकार को आईबीए स्तर पर रिटायर्ड लोगों के लिए शिकायत निवारण तंत्र विकसित करना चाहिए। अनुग्रह राशि की लंबित वार्षिक समीक्षा एवं अन्य लंबित मांगों को पूरा करने के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन का दूसरा चरण शुरु किया गया है जो संसद के बजट सत्र तक अनवरत जारी रहेगा।ए.आई.बी.आर.एफ. वाराणसी यूनिट के सचिव राधेश्याम मिश्र ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में वित् पोषित पेंशन योजना कर्मचारियों के योगदान अंशदान से बनी है जिसका जमा शेष 3.5 लाख करोड़ रुपया से अधिक है। प्रत्येक वर्ष ब्याज से पेंशन वितरण के बाद भी अधिशेष बढ़ रहा है फिर भी 3 दशक से पेंशन अपडेशन नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा पेंशन अपडेशन रिज़र्व बैंक के फार्मूले पर होना है। रिजर्व बैंक के पेंशनर का वर्ष 2019 एवं वर्ष 2024 में दो बार पेंशन अपडेशन हो चुका है परन्तु सार्वजनिक बैंकों का पेंशन अपडेशन 30 वर्षों से लंबित है। बताया कि 80-85 वर्ष तक के वरिष्ठ नागरिक ठंढ में कांपते हुए धरने पर बैठे हैं। तीन दशक से लंबित पेंशन अपडेशन शीघ्र लागू किया जाना चाहिए। धरना प्रदर्शन में वासुदेव ओबेराय विजय कुमार राजेन्द्र सिंह जे.एन. सिंह कमलेश्वर त्रिपाठी एन के श्रीवास्तव अनिल पाण्डेय द्विवेदी वरमार्या आर के गौड़ पुर्णेन्दु पाण्डेय आदि मुख्यतः शामिल हुए। कुल 200 रिटायरीज शामिल हुए।



