फिरोजाबाद। रमजान-उल-मुबारक के आखिरी जुमे यानी ‘अलविदा जुमा’ की नमाज आज जनपद फिरोजाबाद की प्रमुख मस्जिदों सहित पूरे जिले में पूरी अकीदत और सादगी के साथ संपन्न हुई। इस दौरान जामा मस्जिद, शाही मस्जिद और आगा साहब मस्जिद सहित सभी छोटी-बड़ी मस्जिदों में नमाजियों का सैलाब उमड़ा। नमाज के बाद बारगाहे इलाही में हाथ फैलाकर मुल्क की तरक्की, कौम की बेहतरी और आपसी भाईचारे के लिए विशेष दुआएं की गईं।

प्रशासनिक मुस्तैदी: चप्पे-चप्पे पर रही नजर
जिलाधिकारी रवि रंजन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) सौरभ दीक्षित के निर्देशन में सुबह से ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सड़कों पर मुस्तैद रहे।
- सुरक्षा व्यवस्था: नगर पुलिस अधीक्षक रवि शंकर प्रसाद, नगर मजिस्ट्रेट विनोद कुमार पांडे और सीओ सिटी प्रवीण कुमार तिवारी ने अपनी टीम के साथ संवेदनशील इलाकों और मस्जिदों के आसपास पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
- अधिकारियों का संदेश: SSP सौरभ दीक्षित ने स्पष्ट कहा कि त्योहारों को सकुशल संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनता से सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट न करने की अपील भी की।

प्रमुख मस्जिदों में नमाज का समय और इमाम
शहर की विभिन्न मस्जिदों में दोपहर 12:30 बजे से 2:45 बजे तक नमाज अदा की गई:
- जामा मस्जिद: असद अलीम शमसी साहब ने नमाज पढ़ाई।
- शेख लतीफ मस्जिद: शहर मुफ्ती तनवीर अहमद कासमी।
- प्राचीन शाही मस्जिद: मोहम्मद आरिफ।
- मस्जिद मेवा फरोशान: मौलाना शफी अहमद कासमी।
- आयशा मस्जिद: आलम मुस्तफा याकूबी।
करबला कमेटी ने जताया आभार
करबला कमेटी के अध्यक्ष हिकमत उल्ला खान ने नमाज के शांतिपूर्ण संपन्न होने पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “इस्लाम का पैगाम मोहब्बत है। आज सभी ने मिलकर अमन-चैन की दुआ की है।” उन्होंने बेहतरीन सफाई, बिजली और सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिलाधिकारी, एसएसपी और नगर निगम की टीम का शुक्रिया अदा किया।

विशेष नोट: ईद की तारीख को लेकर हिकमत उल्ला खान ने बताया कि चंद्र दर्शन के अनुसार ईद 20 या 21 मार्च को हो सकती है। यदि ईद 21 की होती है, तो 20 मार्च को जुमा और चांद रात एक साथ हो सकते हैं।

सद्भाव की मिसाल
घरों में महिलाओं और युवतियों ने भी नमाज अदा कर परिवार और देश की खुशहाली की दुआ मांगी। प्रशासन ने अपील की है कि आगामी नवरात्रि और ईद के त्योहारों को भी इसी तरह मिल-जुलकर हर्षोल्लास के साथ मनाएं।
ब्यूरो रिपोर्ट: [मुहम्मद नदीम खाँन]