
इस माहे रमजान मुबारक के महीने की शुरुआत में सैकड़ों लोगों ने पहला रोज़ा रखा वहीं कदौरा के मशहूर शायर जनाबे अब्दुल कलाम कदौरवी साहब की 2 बच्चियों ने तरन्नुम नाज़ जिसकी उम्र महज़ 8 साल और फरहा नाज़ जिसकी उम्र 5 साल इन दोनों बच्चियों ने दिन भर भूखी प्यासी रहकर अपना पहला रोज़ा मुकम्मल किया इन बच्चियों ने ये बात साबित कर दी कि अगर ईश्वर से लगाव सच्चा है तो उम्र मायने नहीं रखती । कई लोगों ने इन बच्चियों का हौसला अफजाई किया ये सब घरवालों की अच्छी परवरिश का नतीजा है ये कि आज कल जिस उम्र में बच्चे मोबाइल में गेम खेलकर वक्त बिताते हैं तब इन बच्चियों ने रब की रजा के लिए पूरा दिन का रोज़ा रखा इन बच्चियों के घरवालों ने फूल मालाओं से बच्चियों की हौसला अफजाई की