Wednesday, January 21, 2026
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वाराणसी 20 जनवरी लैंगिक उत्पीडन के परिणाम स्वरूप महिला के समानता के मौलिक अधिकारों का उलंघन है। 

एक सुरक्षित कार्यस्थल एक महिला का क़ानूनी अधिकार है वास्तव में समानता का संवैधानिक सिद्धांत और व्यक्तिगत स्वतंत्रता भारतीय संविधान के अनुछेद 14,15 व 19 में निहित है। उक्त विचार आकाशवाणी वाराणसी की आंतरिक शिकायत समिति की सदस्य एवं डॉ.शम्भुनाथ सिंह रिसर्च फाउंडेशन की निदेशिका डॉ.रोली सिंह ने व्यक्त किये। वे आकाशवाणी परिसर में कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीडन प्रतितोष प्रतिषेध और निवारण अधिनियम 2013 विषय पर आयोजित कार्यशाला के मुख्य वक्ता के रूप में व्यक्त किये। कार्यशाला का आयोजन आकाशवाणी की आंतरिक समिति द्वारा डॉ.शम्भुनाथ सिंह रिसर्च फाउंडेशन के सहयोग से किया गया।

सह वक्ता के रूप में फाउंडेशन की परियोजना प्रबंधक राजश्री शुक्ला ने कहा कि विशाखा गाइड लाइन के आधार पर माननीय सर्वोच्च न्यायलय के निर्देश पर बनाए गए कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीडन निवारण प्रतितोष और प्रतिषेध अधिनियम 2013 महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्यस्थल सुनिश्चित करने और कार्य अनुकूल वातावरण बनाने के लिए लघु किया गया है। यह महिला के सामान स्तर और अवसर का सम्मान करता है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन द्वारा लैंगिक समानता बेहतर जीवन स्वतंत्रता तथा हर स्थान पर काम की परिस्थितियों में महिलाओं को समानता के अवसर प्राप्त होंगे। कार्यस्थल पर सुविधा की दृष्टि से काम में महिलाओं की भागीदारी में सुधार होगा। जिसके परिणाम स्वरूप उनका आर्थिक सशक्तिकरण और समावेशी विकास भी होगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए केन्द्राध्यक्ष स्वतंत्र सिंह ने कहा कि यह सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है कि दंडात्मक कार्यवाही के बजाय रोकथाम पर जोर दिया जाए। इसके लिय सभी स्तर के अधिकारीयों कार्मिकों कैजुअल्स तथा श्रमिकों के मध्य इस अधिनियम के विषय में व्यापक जागरूकता की आवश्यकता है।

कार्यक्रम प्रमुख अशोक पांडेय ने कहा कि महिलाओं के विरूद्ध कार्यस्थल पर यौन हिंसा समाज के लिए कलंक है। जिससे निपटने के लिए यह कानून सहायक है। परंतु हमे यह ध्यान रखना होगा कि इसका दुरूपयोग न होने पाए।

प्रारंभ में प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए आकाशवाणी के आंतरिक शिकायत समिति की अध्यक्ष श्रीमती आकांक्षा सिंह ने कहा कि यह कार्यशाला इस कार्यस्थल को सुरक्षित बनाने और महिलाओं को सामान अवसर प्रदान करने के उदेश्य से आयोजित की गयी है जिससे प्रबंधन और कार्मिकों दोनों को लाभ होगा। उन्होंने समिति के उदेश्यों गतिविधियों तथा सदस्यों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की.

इस अवसर पर आकाशवाणी के समस्त नियमित वो संविदा कर्मी व कैजुअल कर्मी उपस्थित थे। अंत में धन्यवाद ज्ञापन समिति की सदस्य प्रीति ने किया।

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