बरईपुर, कंदवा में 200 लोगो के घरों पर बुलडोजर कार्यवाही के खिलाफ जिलाधिकारी से मिला सपा का प्रतिनिधिमंडल।

वाराणसी 12 मई। आज समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी वाराणसी से प्रातः 11:00 बजे उनके कार्यालय में मुलाकात कर विगत दिनों नगर निगम वाराणसी द्वारा पिछले सैकड़ों वर्षों से रह रहे 200 परिवारों को बुलडोजर कार्यवाही करते हुए जबरदस्ती उजाड़ने, मौके पर महिलाओं से अभद्रता करने, फरीदपुर व सन्दहा में पर्यटन स्थल विकसित करने के नाम पर किसानों को प्रताड़ित करने एवं अज्ञात लोगों द्वारा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मा० अखिलेश यादव का आपत्तिजनक पोस्टर शहर में कई जगह लगाने पर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़ एवं स्नातक एमएलसी श्री आशुतोष सिंहा ने कहा कि विगत दिनों जिस तरह से जिला प्रशासन द्वारा बरईपुर, कंदवा चितईपुर में सैकड़ों वर्षों से रह रहे लोगों को बलपूर्वक, अमानवीय तरीके से बुलडोजर कार्यवाही कर उनके घरों को तोड़ा गया बिल्कुल गलत व असंवैधानिक है। भाजपा सरकार में जाति विशेष के लोगों को चिन्हित कर प्रताड़ित किया जा रहा है जो गलत है। कानून सबके लिए बराबर है। पुलिस द्वारा महिलाओं के साथ अभद्रता की गयी इस दौरान उन लोगों के 50 से ज्यादा मवेशी लापता हो गए जिससे उन लोगों की आजीविका संकट में है। सारनाथ में मौजा फरीदपुर व संदहा में पर्यटक स्थल विकसित करने के नाम पर किसानों को परेशान किया जा रहा है। वहां के किसानों के पास छोटी छोटी जमीन है जिस पर वे लोग खेती करके एवं साग सब्जी उगाकर अपना व अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का शहर में कुछ अराजक तत्वों द्वारा आपत्तिजनक पोस्टर लगाया जा रहा है यह सत्ता पक्ष के इशारे पर किया जा रहा है ताकि शहर का माहौल खराब किया जा सके। जिलाधिकारी वाराणसी से मुलाकात कर इनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही की मांग की गई। इन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवैधानिक रूप से विरोध और अपनी बात को रखने का सबको अधिकार है। लेकिन आप किसी की आपत्तिजनक पोस्टर नहीं लगा सकते। इस घटना को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में काफी रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि हम लोग अपने नेता के सम्मान से खिलवाड़ करने वाले को सबक सिखाना जानते हैं। यदि पुलिस प्रशासन द्वारा इनके ऊपर कानूनी कार्यवाही नहीं की जाती है तो समाजवादी पार्टी आंदोलन को बाध्य होगी। हम अपने नेता का अपमान करने वाले को किसी भी हालत में नहीं छोड़ेंगे।
जिलाधिकारी द्वारा आश्वासन दिया गया कि किसी को भी अनावश्यक परेशान नहीं किया जाएगा और आपत्तिजनक पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।प्रतिनिधिमंडल में सर्वश्री स्नातक एमएलसी आशुतोष सिंहा, जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़, जिला प्रवक्ता संतोष यादव बबलू एडवोकेट, किशन दीक्षित, डॉ. सुभाष राजभर, प्रदीप जायसवाल, विष्णु शर्मा, पूजा यादव, हारून अंसारी, आनंद यादव, संदीप मिश्रा, रामकुमार यादव आदि लोग शामिल थे।