जहाँ परंपरा संस्कार देती है, वहीं खेल आत्मविश्वास। स्मृति ने सिद्ध कर दिया कि एक ‘साधिका’ ही श्रेष्ठ ‘योद्धा’ बन सकती है।
काशी की बेटी का गौरवपूर्ण सफर गुरुकुल की शिक्षा से कराटे ‘ब्लैक बेल्ट’ तक पहुँचीं स्मृति आर्या सफलता का नया कीर्तिमान: वाराणसी की बेटी और पाणिनी कन्या महाविद्यालय की पूर्व छात्रा स्मृति आर्या ने कराटे के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। स्मृति ने अपनी कड़ी मेहनत और अटूट जुनून के बल पर […]









