बुनकर सम्मेलन में गूंजा हक़ और हुनर का स्वर,बिजली दरों व शिक्षा पर उठी मजबूत मांग।

वाराणसी। मैदागिन स्थित पराड़कर भवन हॉल में सामाजिक संस्था इंडियन यूथ फाउंडेशन के तत्वावधान में एक भव्य बुनकर सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यमंत्री रविन्द्र जायसवाल (विधायक,शहर उत्तरी विधानसभा वाराणसी) उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में शैलेश प्रताप सिंह,महिला मोर्चा जिला मीडिया प्रभारी मुमताज बानो,सहकार भारती के संयोजक जनाब सरदार हाजी मोइनुद्दीन उर्फ कल्लू हाफिज़,बुनकर बिरादराना तंजीम के प्रतिनिधि सरदार मकबूल हसन,सदर काज़ी ए शहर बनारस मौलाना हसीन अहमद हबीबी,डॉ. लेनिन रघुवंशी एवं एडवोकेट तनवीर अहमद सिद्दीकी सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी अतिथियों का माल्यार्पण कर भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया। सम्मेलन में वक्ताओं ने बुनकर समाज की ज्वलंत समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। विशेष रूप से बिजली की फ्लैट रेट व्यवस्था पर चर्चा करते हुए बताया गया कि वर्तमान में लागू “अटल बिहारी पावरलूम फ्लैट रेट योजना” में कई विसंगतियां हैं। वर्ष 2006 से पहले पावरलूम कनेक्शन LMV-6 श्रेणी में था,जिसका शुल्क अधिक था,जबकि LMV-2 का शुल्क कम था। उस समय इसे LMV-2 में परिवर्तित कराया गया, लेकिन वर्तमान में स्थिति उलट हो गई है—LMV-2 महंगा और LMV-6 सस्ता हो गया है। बुनकरों ने सरकार से मांग की कि इस योजना को पुनः LMV-6 में परिवर्तित कर पावरलूम की गणना किलोवाट के आधार पर की जाए और अधिकतम ₹200 तक फिक्स रेट निर्धारित किया जाए,जिससे बुनकरों को राहत मिल सके।

सम्मेलन में शिक्षा के महत्व पर भी विशेष जोर दिया गया। एडवोकेट तनवीर अहमद सिद्दीकी ने कहा कि समाज में शिक्षा की कमी को दूर करना अत्यंत आवश्यक है। मुमताज बानो ने महिलाओं की शिक्षा और उनके बढ़ते योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। डॉ. लेनिन रघुवंशी ने सरकार से बुनकरों के लिए निःशुल्क शिक्षा अभियान चलाने की मांग की। मौलाना हसीन अहमद हबीबी ने “फातिमा ज़हरा यूनिवर्सिटी” की स्थापना का प्रस्ताव रखते हुए समाज से सहयोग की अपील की। वहीं हाजी स्वाले अंसारी ने बुनकर मजदूरों के तेजी से हो रहे पलायन पर चिंता जताई और इसे रोकने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता बताई। कार्यक्रम में पत्रकार एवं संस्थापक महासचिव मकबूल अहमद अंसारी ने कहा कि बुनकरों को अपने अधिकारों के लिए संगठित होना होगा और शोषण के खिलाफ आवाज उठानी होगी। इदरीस अंसारी ने सरकार से बुनकरों के लिए एक समुचित मार्केट व्यवस्था बनाने की मांग की, जहां वे अपने उत्पाद उचित मूल्य पर बेच सकें। कार्यक्रम का संचालन इदरीस अंसारी द्वारा किया गया। सम्मेलन में अल्ताफुर्रहमान (राष्ट्रीय अध्यक्ष), जकी मुख्तार, रमज़ान अली, साजिद अंसारी, नसीम, अय्यूब अंसारी, हैदर अली, समीर अंसारी, शमशेर आलम, एजाज़ भाई, गांगुली भाई, मोहम्मद अय्यूब अंसारी, अलकमा रहमान, सलमान भाई, शाहनवाज अहमद, असरार अहमद, मोहम्मद कैस, शाहिद भाई, टीपू सुल्तान, राजू हमजा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सम्मेलन ने बुनकर समाज की एकजुटता और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष की दिशा में एक मजबूत संदेश दिया।

Related News

7775078405805895489

Lates Post

63
Poll

भारत का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा?

Scroll to Top