सोनभद्र के लिए एक नई भोर: एसडीएम ओबरा और अवादा फाउंडेशन ने उन्नत स्कूल सुविधाओं का अनावरण किया।

अड़गुड़ प्राथमिक विद्यालय में नए वाटर स्टेशन और स्वच्छता सुविधाओं का उद्घाटन; एसडीएम ओबरा ने सामुदायिक प्रभाव की सराहना की

वाराणसी सोनभद्र, 16 मई, 2026: ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, अवादा फाउंडेशन ने आज

प्राथमिक विद्यालय अड़गुड़ में एक भव्य उद्घाटन और वितरण समारोह आयोजित किया। उप-जिलाधिकारी, ओबरा विवेक कुमार सिंह और अवादा फाउंडेशन के वरिष्ठ अधिकारी श्री रवींद्र कुमार अग्रवाल ने एक उच्च क्षमता वाले वाटर स्टेशन और नवीनीकृत स्वच्छता सुविधाओं का लोकार्पण किया। छात्रों के सीखने के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए फाउंडेशन ने स्कूल को फर्नीचर, यूनिफॉर्म और बैग भी प्रदान किए।

इस अवसर पर उप-जिलाधिकारी, ओबरा ने कहा “अवादा फाउंडेशन द्वारा आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे कार्य अत्यंत प्रेरणादायक हैं। दूरस्थ गाँवों में विकास की मूलभूत सुविधाएँ पहुँचाना और कुपोषण की रोकथाम के लिए इनके प्रयास एक स्वस्थ और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह सामाजिक परिवर्तन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।”

अवादा फाउंडेशन की निदेशक श्रीमती ऋतु पटवारी ने अपने संदेश में कहा, “हमारे ‘विलेज अडॉप्शन प्रोग्राम’ के माध्यम से ये चारों गाँव अब अवादा परिवार का हिस्सा हैं। हमारा आजीवन संकल्प इन जनजातीय समुदायों को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे ले जाना है। युवाओं और महिलाओं को कुशल बनाकर, हम न केवल रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं, बल्कि विकास का एक ऐसा ढांचा तैयार कर रहे हैं जिससे ये गाँव समृद्धि और आधुनिकता की नई ऊंचाइयों को छू सकें।”

समारोह में महेश माथुर, Rk अग्रवाल प्रफुल चौरसिया , स्कूल के प्रधानाध्यापक और विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष एवं सदस्यों सहित स्थानीय अधिकारी और ग्रामीण उपस्थित रहे।

अवादा फाउंडेशन: दो वर्षों का परिवर्तनकारी सफर

पिछले दो वर्षों से अवादा फाउंडेशन सोनभद्र के दूरदराज के आदिवासी गांवों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। फाउंडेशन के प्रयासों का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है:

शिक्षा और डिजिटल सशक्तिकरण: सरकारी विद्यालयों का पुनरुद्धार, शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए अवादा के शिक्षक सरकारी स्कूलों में कक्षाएं ले रहे हैं। इसके साथ ही 50 टैबलेट, लाइब्रेरी की स्थापना, ट्यूशन क्लासेज, कंप्यूटर क्लासेज, आईटीआई प्रशिक्षण के लिए छात्रों को दो वर्षों के लिए स्कालरशिप, शिक्षकों की ट्रेनिंग और 100 छात्रों के लिए शैक्षिक यात्रा का आयोजन किया गया।

बुनियादी ढांचा और सुरक्षा: चार गांवों में व्यापक स्तर पर सोलर स्ट्रीट लाइट, 150 साइकिलें, और बच्चों के लिए स्कूल किट, यूनिफार्म, स्वेटर, जूते, बैग उपलब्ध कराई गई हैं।

स्वास्थ्य और आजीविका: महिलाओं को सिलाई और किचन गार्डन का प्रशिक्षण देने के साथ-साथ स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन, नेत्र सर्जरी, 1,200 साड़ियाँ, मच्छरदानियाँ और स्वेटर वितरित किए गए। साथ ही, 80 ग्रामीणों के लिए सांस्कृतिक यात्रा का आयोजन किया गया।

चिचलिक, खोड़ैला और अड़गुड़, बसुहारी गांवों में अवादा फाउंडेशन का यह निरंतर प्रयास क्षेत्र के सतत विकास के लिए एक नई राह तैयार कर रहा है।

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