इंदु सिंह बनीं अध्यक्ष,संतोष कुमार को मंत्री पद की जिम्मेदारी

वाराणसी। उत्तर प्रदेश चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ से संबद्ध शिक्षा विभाग,जनपद-वाराणसी शाखा का द्विवार्षिक चुनाव रविवार को उत्साहपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। महासंघ की देखरेख में आयोजित चुनाव प्रक्रिया में सभी पदों पर सर्वसम्मति बनी और पूरी नई कार्यकारिणी का चयन निर्विरोध रूप से किया गया। चुनाव के दौरान संगठन से जुड़े कर्मचारियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। बैठक में संगठन की मजबूती,कर्मचारियों की समस्याओं तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष रामचंद्र गुप्ता की अध्यक्षता एवं देखरेख में नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। सर्वसम्मति से निर्वाचित पदाधिकारियों में अध्यक्ष पद पर इंदु सिंह,मंत्री पद पर संतोष कुमार,वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर चंद्रशेखर गौतम,कोषाध्यक्ष पद पर देवनाथ यादव तथा ऑडिटर पद पर राधेश्याम सिंह को चुना गया। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का उपस्थित कर्मचारियों ने फूल-मालाओं से स्वागत करते हुए संगठन को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष रामचंद्र गुप्ता ने कहा कि राज्य कर्मचारी संगठनों में प्रत्येक दो वर्ष पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चुनाव आयोजित किए जाते हैं,ताकि संगठन को नया नेतृत्व मिल सके और कर्मचारियों की समस्याओं को संगठित रूप से शासन एवं प्रशासन तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा विभाग कई चुनौतियों से गुजर रहा है। लगातार कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं,लेकिन उनके स्थान पर नई नियुक्तियां नहीं होने से कार्य का दबाव बढ़ता जा रहा है। ऐसे समय में कर्मचारियों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए संगठन की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।

जिलाध्यक्ष ने विश्वास जताया कि नवनिर्वाचित पदाधिकारी अपने दो वर्षीय कार्यकाल में कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देंगे। विभागीय स्तर से लेकर बीएसए कार्यालय एवं जिलाधिकारी स्तर तक यदि कर्मचारियों को किसी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है, तो संगठन आपसी समन्वय एवं संवाद के माध्यम से उसका समाधान कराने का प्रयास करेगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में शिक्षा विभाग में लगभग 30 से 40 कर्मचारी सक्रिय रूप से संगठन से जुड़े हुए हैं। आगामी दिनों में कार्यकारिणी की अगली बैठक आयोजित कर संगठन विस्तार,सदस्यता अभियान तथा भविष्य की रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा।कार्यक्रम के अंत में सभी पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों ने संगठन की एकता बनाए रखने तथा कर्मचारी हितों के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।