भरत चरित्र प्रसंग का मार्मिक वर्णन सुन श्रद्धालु हुए भाव विह्वल।

वाराणसी –जैतपुरा मानस प्रवचन की आठवें दिन भरत चरित्र प्रसंग का वर्णन सुनकर सभी श्रद्धालु भाव विह्वल हो उठे। अखिल भारतीय सनातन न्यास की ओर से मां बागेश्वरी देवी प्रांगण में चल रहे नव दिवसीय श्री राम कथा मे सोमवार को आठवें दिन महंत बालक देवाचार्य जी ने भरत चरित्र प्रसंग का अत्यंत मार्मिक एवं प्रेरणादाई वर्णन करते हुए कहा कि भरत भारतीय संस्कृति में त्याग, समर्पण, भ्रात्रि प्रेम, धर्मनिष्ठा एवं आदर्श शासन के सर्वोच्च प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि भरत का चरित्र हमें सिखाता है कि सत्ता और वैभव से बढ़कर मर्यादा, कर्तव्य और पारिवारिक प्रेम होता है। कथा के दौरान भरत मिलाप प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन सुनकर उपस्थित श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गई। कथा वाचक ने कहा कि यदि व्यक्ति भरत के चरित्र से प्रेरणा लेकर अपने कर्तव्यों का पालन करें तो परिवार, समाज और राष्ट्र में सुख, शांति एवं सद्भाव का वातावरण स्थापित हो सकता है। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित आयुष मंत्री डॉक्टर दयाशंकर मिश्र दयालु उपस्थित रहे। उन्होंने व्यास पीठ की आरती उतारी। मंच का संचालन प्रधान सचिव राजेश सेठ ने किया। इस मौके पर कथा की समाप्ति पर व्यासपीठ की आरती उतारने वालों में मुख्य रूप से डॉक्टर अजय जायसवाल, रविशंकर सिंह, जयशंकर गुप्ता, प्रमोद यादव मुन्ना, वतन कुशवाहा, किशोर सेठ, विजय कुमार, राजेश गुप्ता, मुन्नू लाल, संजय महाराज, मंगल सेठ, रवि झुनझुनवाला, प्रकाश विपुल, विपुल गुप्ता, विष्णु गुप्ता, डॉक्टर पुष्पा जयसवाल, रोशनी , अनामिका आदि उपस्थित रहे।

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