
मेरठ के सरधना में एक महिला की निर्मम हत्या और उसकी बेटी के अपहरण की दिल दहला देने वाली घटना के विरोध में आज वाराणसी में कैंडल मार्च निकाला गया। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए जिन्होंने पीड़िता को न्याय दिलाने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में मोमबत्तियां और पोस्टर लेकर अपनी आवाज बुलंद की। उन्होंने सरकार से मांग की कि आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
प्रमुख मांगें:
दोषियों को फांसी की सजा: प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि इस जघन्य अपराध के लिए जिम्मेदार लोगों को फांसी की सजा दी जाए।
बुलडोजर कार्रवाई: अपराधियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग भी की गई, जैसा कि अन्य मामलों में देखा गया है।
पीड़ित परिवार को सहायता: पीड़ित परिवार को सरकारी नौकरी और उचित मुआवजा देने की अपील की गई।
महिलाओं की सुरक्षा: देश और प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर चिंता व्यक्त की गई और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की गई।
वक्ताओं ने एनसीआरबी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा तभी सार्थक होगा जब महिलाएं वास्तव में सुरक्षित महसूस करेंगी।
वाराणसी के इस कैंडल मार्च ने एक बार फिर समाज में महिलाओं की सुरक्षा और न्याय की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉक्टर राहुल राज एडवोकेट विकास चौहान प्रमोद मौर्या शुभम त्रिपाठी मुकेश गिरी अखिलेश कनौजिया राम लखन साहनी राहुल निषाद सूरज साहनी कुंदन कुमार हर्ष सोनकर सलमान सहित उपस्थित रहे।


