बोर्ड परीक्षा का दबाव भी नहीं रोक सका कशिश पटेल को महिला सशक्तिकरण के मिशन पर अडिग।

हाई स्कूल की बोर्ड परीक्षा छात्रों के जीवन का सबसे दबाव भरा दौर माना जाता है। जहाँ पढ़ाई और परिणाम का तनाव बच्चों पर हावी रहता है। ऐसे समय में जब अधिकांश छात्र केवल परीक्षा की तैयारी में जुटे होते हैं। वाराणसी की 14 वर्षीय कशिश पटेल ने यह साबित कर दिया कि सच्चा संकल्प किसी दबाव के आगे नहीं झुकता।

बोर्ड परीक्षा की तैयारी के बावजूद कशिश पटेल अपने महिला सशक्तिकरण के मिशन से एक कदम भी पीछे नहीं हटी हैं। वह लगातार समय निकालकर विभिन्न स्कूलों में जाकर लड़कियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दे रही हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास दे रही हैं।

हाल ही में कशिश ने सरदार पटेल इंटर कॉलेज राजातालाब में 800 से अधिक छात्राओं को सेल्फ डिफेंस का अभ्यास कराया तथा बढ़ैनी में स्थित यूपी अकादमी में 100 छात्राओं को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग दी।

कशिश हजारों लड़कियों के लिए सुरक्षा और आत्मविश्वास की मिसाल बन चुकी हैं।

कशिश का कहना है

परीक्षा ज़रूरी है लेकिन अगर मेरी वजह से कोई लड़की खुद को सुरक्षित महसूस करे तो वही मेरी सबसे बड़ी सफलता है।

बोर्ड परीक्षा के दबाव के बीच भी कशिश पटेल यह साबित कर रही हैं कि उम्र छोटी हो सकती है। लेकिन हौसले और उद्देश्य बेहद बड़े होते हैं।

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