
वाराणसी रमजान का मुबारक महीना शुरू होते ही सभी मस्जिदों में तराबी की नमाजे शुरू हो जाती है। जिसमे वाराणसी के सभी मस्जिदों में कितने कितने दिनों की तराबी की नमाजे पढ़ाई जाएंगी वो मस्जिद की कमेटियां अपने अपने हिसाब से ये तय करते है कि कितने दिन कि तराबी की नमाज मस्जिद में पढ़ाई जाए। उसी कड़ी में लाट मस्जिद सरैया में और मखदूम शाह बाबा की मस्जिद में आज बीती रात तीन दिन की तराबी की नमाज खत्म हुई। इन दोनो मस्जिदों के मतवल्ली बुनकर बिरादराना तंजीम चौदहों के सरदार हाजी मकबूल हसन साहब की सदारत में पढ़ाई जाती है। लाट मस्जिद सरैया में हाफिज मोहम्मद जुबैर साहब ने और मखदूम शाह बाबा के मस्जिद में हाफिज मोहम्मद अहमद साहब ने तीन दिन की तराबी की नमाज पूरी कुरान शरीफ पढ़ कर नमाज अदा कराई। तीन दिन की तराबी की नमाज खत्म होने के बाद नमाजियों के साथ सरदार मकबूल हसन साहब ने दोनो हाफिजों को माला पहना कर मुबारक बाद दिए और रस्म अदायगी कर उनका शुक्रिया अदा किए। इस मौके पर मौजूद सरदार मकबूल हसन साहब पार्षद हाजी ओकास अंसारी पार्षद तुफैल अंसारी पूर्व पार्षद कल्लू भाई हाजी अब्दुल वहीद हाजी बैतूल हसन सरदार गुलाम नबी अब्दुल रब अंसारी नेसार अब्दुल रसीद सरदार समीम अहमद अब्दुल मजीद निजामुद्दीन गुलाम रसूल उर्फ बाबा जुल्फिकार अली शमीम सरदार माजिद महतो रसीद बाबा बाबूल बाबा मुस्तफा रफीक शाह हाफिज इकराम हाफिज अब्दुल मजीद हाजी मंजूर मन्नान शाह सहित सैकड़ों लोगो ने तराबी की नमाज अदा की।