
सुलतानपुर। पंत स्पोर्ट्स स्टेडियम में जिला परिषदीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुभारम्भ हल्की बारिश के बीच गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। मौसम की प्रतिकूलता के बावजूद समय रहते की गई व्यवस्थाओं के चलते उद्घाटन समारोह सुव्यवस्थित रूप से आयोजित किया गया। मैदान पर मौजूद बालक-बालिकाओं में उत्साह के साथ अनुशासन भी साफ नजर आया।प्रतियोगिता का उद्घाटन विधान परिषद सदस्य शैलेन्द्र सिंह एवं मुख्य विकास अधिकारी विनय सिंह द्वारा मां सरस्वती की पूजा-अर्चना व स्वागत गीत के साथ किया गया। मंच संचालन डॉ. बबिता जैन ने किया। इस अवसर पर जिला क्रीड़ा अधिकारी राजेश सोनकर भी उपस्थित रहे।जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल बच्चों में आत्मविश्वास,धैर्य और संघर्ष की क्षमता विकसित करते हैं। उन्होंने हार से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ने का संदेश दिया और अनुशासन व खेल भावना के साथ भागीदारी का आह्वान किया।
विधान परिषद सदस्य शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि ग्रामीण अंचलों से निकलकर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने वाले खिलाड़ी जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर संसाधन उपलब्ध करा रही है। वहीं,सीडीओ विनय सिंह ने खेलों को नेतृत्व क्षमता और टीम भावना का सशक्त माध्यम बताते हुए प्रतिकूल मौसम में भी सफल आयोजन के लिए शिक्षकों व व्यायाम शिक्षकों की सराहना की।
मैदान पर ट्रैक चिन्हांकन, खेल उपकरणों की उपलब्धता और खिलाड़ियों को निर्धारित स्थलों तक पहुंचाने की व्यवस्थाएं बेहतर समन्वय के साथ संचालित होती रहीं। जिले के 14 विकासखंडों व नगर क्षेत्र से आए सैकड़ों बालक-बालिकाएं प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं। एथलेटिक्स, कबड्डी, खो-खो, जिम्नास्टिक, पीटी, टेबल टेनिस, बैडमिंटन, जूडो, कुश्ती, योगासन, हैंडबॉल, वॉलीबॉल, फुटबॉल, क्रिकेट, हॉकी और बास्केटबॉल में ट्रायल चयन के जरिए खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। चयनित खिलाड़ी मंडलीय प्रतियोगिता में जनपद का प्रतिनिधित्व करेंगे।लगातार बारिश के कारण सुबह सत्र की प्रतियोगिताएं स्थगित रहीं, लेकिन बारिश रुकते ही जिम्नास्टिक से खेल गतिविधियों की विधिवत शुरुआत कर दी गई। खिलाड़ियों के आत्मविश्वासी प्रदर्शन पर दर्शकों ने तालियों से उत्साह बढ़ाया।कार्यक्रम के दौरान शिक्षिका अनुपम शुक्ला ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि खेल सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम हैं,जीत-हार से ऊपर उठकर खेलना ही सच्ची खेल भावना है।