कुलपति ने श्रमण विद्या संकाय एवं अंतरराष्ट्रीय छात्रावास के जीर्णोद्धार कार्य का निरीक्षण कर दिए आवश्यक निर्देश।

विद्यार्थियों को उत्कृष्ट संसाधन उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता : कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा.

वाराणसी। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने सोमवार को श्रमण विद्या संकाय एवं उससे संबद्ध अंतरराष्ट्रीय छात्रावास में एयरपोर्ट अथॉरिटी, बाबतपुर के सीएसआर फंड से संचालित हो रहे जीर्णोद्धार एवं आधुनिकीकरण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर कार्य की गुणवत्ता एवं प्रगति का विस्तृत अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य पर संतोष व्यक्त करते हुए आवश्यक सुविधाओं एवं संसाधनों को और अधिक व्यवस्थित एवं उपयोगी बनाने के निर्देश भी दिए।

उल्लेखनीय है कि श्रमण विद्या संकाय परिसर में स्थित यह अंतरराष्ट्रीय छात्रावास देश-विदेश से आने वाले विद्यार्थियों के आवास एवं अध्ययन का प्रमुख केन्द्र है। वर्तमान में इसका उच्चस्तरीय नवीनीकरण कार्य द्रुत गति से संचालित है, जिसे आगामी दो माह के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

विद्यार्थी हैं विश्वविद्यालय की आत्मा-

इस अवसर पर कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि श्रमण विद्या संकाय विश्वविद्यालय की विशिष्ट शैक्षणिक इकाइयों में से एक है, जहाँ बुद्ध दर्शन, पालि, प्राकृत, जैनागम तथा संस्कृत विद्या जैसे भारतीय ज्ञान परम्परा के महत्वपूर्ण आयामों का अध्ययन-अध्यापन किया जाता है। यहाँ अध्ययनरत विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण, आधुनिक संसाधन एवं गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधाएँ उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थी किसी भी शिक्षण संस्थान की आत्मा होते हैं। यदि उन्हें श्रेष्ठ वातावरण, आवश्यक संसाधन और अनुकूल सुविधाएँ प्राप्त हों तो उनका अध्ययन, शोध एवं व्यक्तित्व विकास भी उत्कृष्ट स्तर का होता है। ऐसे विद्यार्थी आगे चलकर भारतीय ज्ञान परम्परा की समृद्ध शास्त्रीय धारा को विश्व के विभिन्न देशों और समाजों तक पहुँचाने का कार्य करते हैं।

माँ वाग्देवी के इस मंदिर को उत्कृष्टता के नए आयाम देने का सतत प्रयास-

कुलपति प्रो. शर्मा ने कहा कि उनके लिए यह विश्वविद्यालय केवल एक शिक्षण संस्था नहीं, बल्कि माँ वाग्देवी का पावन मंदिर है। एक सेवक के रूप में उनकी प्रतिबद्धता विश्वविद्यालय के समग्र एवं चतुर्मुखी विकास के प्रति है। इसी दृष्टि से शैक्षणिक भवनों, छात्रावासों एवं अन्य आधारभूत संरचनाओं को आधुनिक स्वरूप प्रदान करने की योजनाओं पर विशेष बल दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि श्रमण विद्या संकाय एवं अंतरराष्ट्रीय छात्रावास के जीर्णोद्धार के साथ-साथ विश्वविद्यालय के अन्य छात्रावासों के नवीनीकरण की प्रक्रिया भी गतिमान है। गंगानाथ झा छात्रावास सहित अन्य छात्रावासों के जीर्णोद्धार एवं आधुनिकीकरण की कार्ययोजना पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित एवं अध्ययन-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

निरीक्षण के दौरान कुलपति ने निर्माण एजेंसी एवं संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के उच्च मानकों के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए तथा कहा कि विश्वविद्यालय का प्रत्येक विकास कार्य विद्यार्थियों के हित, शैक्षणिक उत्कृष्टता और भारतीय ज्ञान परम्परा के वैश्विक प्रसार की भावना से प्रेरित है।

उक्त अवसर छात्र कल्याण संकाय प्रमुख प्रो शैलेश कुमार मिश्र, डॉ रविशंकर पाण्डेय, ई पीयूष पाणी मिश्र , प्रभुनाथ यादव,निर्माण एजेंसी के कर्मी आदि उपस्थित रहे।

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