
श्री अग्रसेन कन्या पी. जी. कॉलेज, वाराणसी के परमानंदपुर परिसर में दिनांक 05.06.2026 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्राचार्य प्रो.मिथिलेश सिंह तथा अन्य प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों द्वारा वृक्षारोपण करके पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इस अवसर पर सभी को संबोधित करते हुए प्राचार्य प्रो. मिथिलेश सिंह ने कहा कि आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हम सभी यह संकल्प लें कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि हमारी जीवनशैली का हिस्सा बने। इस वर्ष की थीम ‘Climate Action’ हमें याद दिलाती है कि जलवायु परिवर्तन अब भविष्य की नहीं, वर्तमान की चुनौती है। बढ़ता तापमान, पिघलते ग्लेशियर, प्रदूषण और प्राकृतिक आपदाएँ हमसे त्वरित और ठोस कदम उठाने की अपेक्षा करती हैं। आइए, हम पेड़ लगाएँ, संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करें और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएँ। हमारा आज का छोटा प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और हरित भविष्य का आधार बनेगा। प्रो. अनीता सिंह ने कहा कि अज़रबैजान जैसे छोटे से देश ने वैश्विक जलवायु सम्मेलन COP29 की मेजबानी करके पर्यावरण संरक्षण और जलवायु कार्रवाई के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को जिस प्रकार से प्रदर्शित किया है। यह हमें संदेश देता है कि पर्यावरण की चुनौतियाँ किसी एक देश की नहीं, बल्कि पूरे विश्व की साझा जिम्मेदारी हैं। स्वच्छ ऊर्जा, हरित विकास और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के माध्यम से ही हम एक सुरक्षित भविष्य का निर्माण कर सकते हैं। प्रो. दुष्यंत सिंह ने पर्यावरण के प्रति भारतीय परंपरा के संबंध में कहा कि भारत में प्राचीन काल से ही प्रकृति को पूजनीय माना गया है और पर्यावरण संरक्षण हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है। वेदों, उपनिषदों और पुराणों में वृक्षों, नदियों तथा वन्य जीवों के संरक्षण का संदेश मिलता है। आज आवश्यकता है कि हम अपनी इस गौरवशाली परंपरा को अपनाते हुए पर्यावरण की रक्षा का संकल्प लें। प्रकृति का संरक्षण ही मानव जीवन और भविष्य की सुरक्षा का आधार है। इस अवसर पर प्रो.कुमुद सिंह डॉ.अपर्णा शुक्ला, डॉ. प्रिया भारतीय, डॉ. शोभा प्रजापति एवं डॉ. सुनीता सिंह इत्यादि प्राध्यापकगण एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।