
वाराणसी। विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर शिव शक्ति सेवा फाउंडेशन द्वारा एक प्रेरणादायी और जागरूकता से भरपूर कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका नेतृत्व फाउंडेशन की संस्थापिका प्रीति रवि जायसवाल ने किया। इस आयोजन में पर्यावरण संरक्षण को केंद्र में रखते हुए बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता कराई गई तथा प्लास्टिक के दुष्प्रभावों को समझाते हुए जूट के थैले वितरित किए गए। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रीति रवि जायसवाल का सक्रिय नेतृत्व और उनका पर्यावरण के प्रति समर्पण रहा, जिसने सभी को प्रभावित किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रीति रवि जायसवाल ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि हमारी जिम्मेदारी बन चुकी है। उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर आज की पीढ़ी पर्यावरण के प्रति सजग हो जाएगी, तो भविष्य सुरक्षित और स्वच्छ बनेगा। उन्होंने विशेष रूप से प्लास्टिक के उपयोग को कम करने पर जोर दिया और जूट जैसे पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को अपनाने की अपील की। उनके द्वारा बच्चों में जूट के थैले वितरण का उद्देश्य केवल सामग्री देना नहीं, बल्कि एक संदेश देना था कि छोटे-छोटे बदलाव भी बड़े परिणाम ला सकते हैं।

चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी कल्पनाओं को रंगों के माध्यम से व्यक्त किया। किसी ने हरे-भरे जंगलों का चित्र बनाया तो किसी ने प्रदूषण मुक्त धरती का संदेश दिया। बच्चों की रचनात्मकता और उत्साह ने यह साबित कर दिया कि यदि सही मार्गदर्शन मिले, तो नई पीढ़ी पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इस पहल ने बच्चों में न केवल प्रतिस्पर्धा की भावना जगाई, बल्कि उन्हें प्रकृति के प्रति संवेदनशील भी बनाया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉक्टर मनोज कुमार मिश्रा (कृषि वैज्ञानिक एवं सह-प्रांत संयोजक, पर्यावरण संरक्षण गतिविधि काशी प्रांत) ने अपने संबोधन में पर्यावरण के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पृथ्वी दिवस केवल एक प्रतीकात्मक दिन नहीं है, बल्कि यह हमें अपनी जीवनशैली में बदलाव लाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने जल संरक्षण, वृक्षारोपण और प्लास्टिक के बहिष्कार जैसे विषयों पर बच्चों को सरल और प्रभावी तरीके से समझाया।
इस आयोजन में मीरा फाउंडेशन के बच्चों की भी सक्रिय भागीदारी रही, जिन्होंने पूरे उत्साह के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। उनकी सहभागिता ने कार्यक्रम को और भी जीवंत और सफल बना दिया।
प्रीति रवि जायसवाल का यह प्रयास न केवल एक कार्यक्रम तक सीमित रहा, बल्कि यह समाज में एक सकारात्मक संदेश देने का माध्यम बना। उनकी सोच और कार्यशैली यह दर्शाती है कि यदि सही नेतृत्व और दृढ़ संकल्प हो, तो छोटे स्तर से शुरू होकर भी बड़े बदलाव संभव हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शिव शक्ति सेवा फाउंडेशन आगे भी इसी प्रकार के जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा सके।
कार्यक्रम में सत्या गुप्ता, लक्ष्मी पाठक, शिवांगी, संगीता श्रेष्ठ, रोहित, दीपशिखा एवं जानवी गुप्ता सहित अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे और उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अंत में सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली और यह संकल्प लिया कि वे अपने दैनिक जीवन में प्लास्टिक का उपयोग कम करेंगे तथा पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाएंगे। यह आयोजन न केवल एक सफल कार्यक्रम रहा, बल्कि समाज को एक मजबूत संदेश देने में भी पूरी तरह सफल सिद्ध हुआ।