योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का अमूल्य उपहार : प्रो. जे.एस. त्रिपाठी काशी विद्यापीठ में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर तीन दिवसीय निःशुल्क योग स्वास्थ्य मेला एवं जन कल्याण शिविर का शुभारंभ।

वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सोमवार को तीन दिवसीय (14-16 जून) निःशुल्क योग स्वास्थ्य मेला एवं जन कल्याण शिविर का शुभारंभ हुआ। तीन दिवसीय मेले का उद्देश्य योग, स्वास्थ्य जागरूकता तथा स्वस्थ जीवनशैली को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाना है। मेले में स्वास्थ्य एवं योग विषयक 10 प्रमुख काउंटर स्थापित किए गए हैं, जिनमें पंजीकरण, स्वास्थ्य जांच परीक्षण, योग चिकित्सा परामर्श, आसन प्रदर्शन, प्राणायाम प्रदर्शन, ध्यान प्रदर्शन, षटकर्म प्रदर्शन, योगिक आहार-विहार परामर्श, आयुर्वेदिक औषधि प्रदर्शन तथा स्त्री रोग संबंधी परामर्श प्रमुख हैं। इन काउंटरों पर विद्यार्थियों द्वारा आगंतुकों को योग, स्वास्थ्य संरक्षण, रोग-निवारण, संतुलित आहार एवं स्वस्थ जीवनशैली से संबंधित उपयोगी जानकारी प्रदान की जा रही है।
इस मौके पर कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने कहा कि स्वस्थ मानव संसाधन ही किसी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है तथा योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित, स्वस्थ और सकारात्मक बनाने की समग्र पद्धति है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी है। ऐसे आयोजन युवाओं को समाज से जोड़ते हैं तथा उन्हें जनसेवा एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रेरित करते हैं। इस दौरान कुलपति ने थाइरॉइड और बी.पी. की जांच कराई और काउंटरों का भ्रमण कर विद्यार्थियों से का उत्साहवर्धन किया।
मुख्य अतिथि आयुर्वेदसंकाय कायचिकित्सा विभाग, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के प्रो. जे.एस. त्रिपाठी ने मेले का विस्तृत निरीक्षण और विद्यार्थियों द्वारा संचालित 10 विभिन्न काउंटरों का अवलोकन किया तथा उनसे संवाद स्थापित कर प्रस्तुत की जा रही स्वास्थ्य एवं योग संबंधी जानकारियों की सराहना की। प्रो. जे.एस. त्रिपाठी ने कहा कि योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का अमूल्य उपहार है, जिसे आज सम्पूर्ण विश्व स्वीकार कर रहा है। नियमित योगाभ्यास न केवल रोगों से बचाव करता है, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व विकास एवं मानसिक शांति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कुलसचिव डॉ. सुनीता पाण्डेय ने मेले में विभिन्न काउंटरों का निरीक्षण किया और कहा कि शैक्षिक उत्कृष्टता के साथ-साथ शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य भी विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए आवश्यक है। वहीं, परीक्षा नियंत्रक दीप्ति मिश्रा ने भी मेले का भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को अनुशासन, आत्मविश्वास एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम संयोजक तथा दर्शन एवं योग विज्ञान विभाग की अध्यक्ष प्रो. नंदिनी सिंह ने बताया कि सभी अतिथियों ने निःशुल्क हीमोग्लोबिन, थाइरॉइड, बीपी, शुगर आदि स्वास्थ्य जांच परीक्षण कराया। मेले के दौरान सभी काउंटरों का मूल्यांकन स्वयं मुख्य अतिथि द्वारा किया गया है, निर्णायकों द्वारा प्रस्तुतीकरण, विषयवस्तु, जनोपयोगिता, नवाचार एवं सहभागिता के आधार पर मेले के अंतिम दिवस सर्वश्रेष्ठ तीन काउंटरों की घोषणा की जाएगी तथा उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर मानविकी संकाय अधिष्ठाता प्रो. राजेश कुमार मिश्र, प्रो. पितांबर दास, कुलानुशासक प्रो. के.के. सिंह, प्रो. अनुकूल चंद राय, प्रो. रमाश्रय, डॉ. अम्बरीष राय, प्रो राजमुनी, डॉ. दीपक, प्रो. निरंजन सहाय, प्रो. अनीता, डॉ. दिनेशचंद्र शुक्ल, कार्यक्रम समन्वयक डॉ. प्रियंका, सह समन्वयक डॉ. चंद्रमणी, डॉ. गणेश जायसवाल, डॉ. कविता आदि उपस्थित रहे।