ब्रह्मराष्ट्र एकम् विश्व महासंघ का मॉरीशस में भव्य अधिवेशन संपन्न – 

सनातन मूल्यों, समाज जागरूकता एवं गुरुकुल स्थापना के संकल्प के साथ नई शुरुआत।

ब्रह्मराष्ट्र एकम् विश्व महासंघ द्वारा मॉरीशस की पावन भूमि पर आयोजित भव्य अधिवेशन का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह अधिवेशन सनातन संस्कृति, संस्कारों, सामाजिक जागरूकता एवं मानव कल्याण के संदेश को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।

कार्यक्रम का उद्देश्य सनातन संस्कृति के मूल सिद्धांतों, जीवन मूल्यों, संस्कारों एवं समाज निर्माण की भावना को विश्व स्तर पर प्रसारित करना रहा। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े वक्ताओं ने अपने विचार प्रस्तुत करते हुए समाज एवं युवा पीढ़ी से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ताओं के रूप में गौतम खट्टर

सनातन वैल्यूज

गौतम खट्टर ने सनातन संस्कृति के मूल सिद्धांतों, जीवन में संस्कारों के महत्व एवं भारतीय मूल्यों की आवश्यकता पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

श्रीमती निधि रामनेओराह

हम कौन थे, क्या हो गए”

श्रीमती निधि रामनेओराह जी ने अपनी प्रेरणादायक कविता एवं विचारों के माध्यम से संस्कृति, पहचान एवं समाज के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।

विनय भट्ट।

ड्रग्स अवेयरनेस

विनय भट्ट ने युवाओं को नशे जैसी सामाजिक चुनौतियों से दूर रहने, सकारात्मक सोच अपनाने एवं बेहतर भविष्य निर्माण के लिए प्रेरित किया।

श्रीमती कल्याणी जुग्गू जी

विषय -Women in Society

श्रीमती कल्याणी जुग्गू जी ने समाज में महिलाओं की भूमिका, योगदान एवं सशक्तिकरण के महत्व पर अपने विचार साझा किए।

इस भव्य अधिवेशन में विद्यालयों के विद्यार्थियों एवं युवाओं ने भी सहभागिता की, जिन्होंने सनातन संस्कृति, संस्कारों एवं सामाजिक मूल्यों को समझने का अवसर प्राप्त किया।

इस अवसर पर मॉरीशस के माननीय राष्ट्रपति महामहिम धरमबीर गोक्हूल जी के प्रति विशेष आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया गया, जिन्होंने ब्रह्मराष्ट्र एकम् विश्व महासंघ के प्रतिनिधिमंडल को अपना बहुमूल्य समय प्रदान किया एवं संगठन के उद्देश्य एवं वीचारों को समझने का अवसर दिया।

मॉरीशस में गुरुकुल स्थापना का संकल्प के साथ आज मॉरीशस में आयोजित यह अंतिम अधिवेशन एक नई शुरुआत का संदेश लेकर संपन्न हुआ। ब्रह्मराष्ट्र एकम् विश्व महासंघ द्वारा मॉरीशस में एक गुरुकुल स्थापना की नई नींव रखने का संकल्प लिया गया है, जिसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को सनातन संस्कृति, संस्कारों, शिक्षा एवं जीवन मूल्यों से जोड़ना है।

यह प्रयास भारत और मॉरीशस के बीच सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

विशेष आभार एवं धन्यवाद संदेश

मॉरीशस में आयोजित भव्य अधिवेशन को सफल एवं ऐतिहासिक बनाने में जिन सम्माननीय व्यक्तित्वों का विशेष सहयोग, मार्गदर्शन एवं आत्मीय समर्थन प्राप्त हुआ, उनके प्रति ब्रह्मराष्ट्र एकम् विश्व महासंघ हृदय से कृतज्ञता व्यक्त करता है।

श्रीमती चंद्रज्योति बूबून जी

आपके सहयोग, समर्पण एवं आत्मीय भाव के लिए हम आपका विशेष आभार व्यक्त करते हैं। आपके मार्गदर्शन एवं सहयोग ने इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

डॉ. लालबिहारी जी

आपके बहुमूल्य सहयोग, सकारात्मक विचारों एवं निरंतर समर्थन के लिए हार्दिक धन्यवाद। आपके योगदान ने इस आयोजन को और अधिक सार्थक एवं प्रेरणादायक बनाया।

कार्यक्रम में मुख्य न्यासी पंडित सतीश चंद्र मिश्र, पंडित रविंद्र नाथ मिश्र, कल्लू महाराज, नवनीत पांडेय, कुंतक मिश्रा, कुशाग्र मिश्र,सुजीत, राजू, राकेश, शिवनाथ, रजनी आदि लोग कार्यक्रम में उपस्थित रहे।आप सभी के सहयोग, स्नेह एवं विश्वास के कारण मॉरीशस में आयोजित यह अधिवेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

आज मॉरीशस की पावन भूमि से हम एक नई दिशा की ओर अग्रसर हो रहे हैं – गुरुकुल स्थापना के संकल्प के साथ, ताकि आने वाली पीढ़ियों को सनातन संस्कृति, संस्कारों एवं जीवन मूल्यों से जोड़ा जा सके।

हम आशा करते हैं कि यह आत्मीय संबंध सदैव बना रहेगा और भविष्य में भी हम सभी इसी प्रकार एक-दूसरे के साथ जुड़े रहेंगे।

“वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना के साथ सनातन संस्कृति, संस्कार एवं मानव कल्याण का यह अभियान निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।

ब्रह्मराष्ट्र एकम् विश्व महासंघ न्यास, काशी

Leave a Comment

Related News

7775078405805895489

Lates Post

67
Poll

भारत का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा?

Scroll to Top