
वाराणसी। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल ने सतत एवं पर्यावरण अनुकूल परिवहन को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक अभिनव कदम उठाते हुए बनारस (BNRS) रेलवे स्टेशन पर बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापित करने की पहल की है। मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के मार्गदर्शन तथा वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक शेख रहमान के नेतृत्व में इस परियोजना को ई-नीलामी के माध्यम से लाइसेंस प्रदान किया गया है,जिसकी वार्षिक लाइसेंस फीस ₹2.67 लाख निर्धारित की गई है। यह पहल वाराणसी मंडल की अपनी तरह की पहली पहल है,जो रेलवे की नवाचार और यात्री सुविधाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। स्टेशन परिसर के सर्कुलेटिंग एरिया में सुव्यवस्थित रूप से स्थापित यह बैटरी स्वैपिंग सुविधा यात्रियों,आगंतुकों तथा अंतिम मील कनेक्टिविटी सेवाओं—जैसे ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों-के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगी।इस सुविधा के माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहन चालक मात्र दो मिनट में अपनी डिस्चार्ज बैटरी को पूर्णतः चार्ज बैटरी से बदल सकेंगे, जिससे चार्जिंग में लगने वाले समय की बचत होगी और परिवहन सेवाओं की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। साथ ही, यह पर्यावरण अनुकूल वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देकर प्रदूषण नियंत्रण में भी सहायक सिद्ध होगी।उल्लेखनीय है कि यह बैटरी स्वैपिंग स्टेशन बैटरी स्मार्ट नेटवर्क के अंतर्गत कार्य करेगा,जो इलेक्ट्रिक दोपहिया एवं तिपहिया वाहनों के लिए बैटरी-एज़-ए-सर्विस मॉडल पर आधारित है। यह सेवा सदस्यता आधारित है, जिससे वाहन मालिकों की प्रारंभिक लागत में कमी आती है और उन्हें स्वैपेबल लिथियम-आयन बैटरियों की सुविधा मिलती है।आईआईटी-कानपुर के स्नातकों द्वारा स्थापित इस नेटवर्क ने देश के विभिन्न शहरों में अपने स्वैपिंग स्टेशनों का विस्तार किया है,जिससे इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को गति मिल रही है। रेलवे प्रशासन के अनुसार यह पहल न केवल यात्रियों की सुविधा में वृद्धि करेगी,बल्कि गैर-भाड़ा राजस्व अर्जन का भी एक सशक्त माध्यम बनेगी। यह कदम भारतीय रेल के हरित ऊर्जा,सतत अवसंरचना और स्वच्छ परिवहन के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप है।वाराणसी मंडल भविष्य में भी ऐसे नवाचारों के माध्यम से सेवा गुणवत्ता में सुधार और आधुनिक,स्वच्छ एवं कुशल परिवहन तंत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।