अवादा फाउंडेशन और प्रशासन की पहल से आदिवासी गांवों में शिक्षा व सुविधाओं का विस्तार।

सोनभद्र में विकास की नई रोशनी।

वाराणसी/सोनभद्र। जनजातीय और ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अवादा फाउंडेशन ने प्राथमिक विद्यालय अड़गुड़ में उद्घाटन एवं वितरण समारोह का आयोजन किया। कार्यक्रम में उप-जिलाधिकारी ओबरा विवेक कुमार सिंह तथा अवादा फाउंडेशन के वरिष्ठ अधिकारी रवींद्र कुमार अग्रवाल ने उच्च क्षमता वाले वाटर स्टेशन एवं नवीनीकृत स्वच्छता सुविधाओं का लोकार्पण किया। साथ ही विद्यार्थियों को फर्नीचर,यूनिफॉर्म और स्कूल बैग वितरित कर बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की पहल की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसडीएम विवेक कुमार सिंह ने कहा कि अवादा फाउंडेशन द्वारा आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा,स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे कार्य समाज के लिए प्रेरणादायक हैं। उन्होंने कहा कि दूरस्थ गांवों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने और कुपोषण रोकथाम की दिशा में किए जा रहे प्रयास आत्मनिर्भर एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में सहायक सिद्ध होंगे। अवादा फाउंडेशन की निदेशक श्रीमती ऋतु पटवारी ने अपने संदेश में कहा कि “विलेज अडॉप्शन प्रोग्राम” के तहत चिचलिक,खोड़ैला,अड़गुड़ और बसुहारी गांव अब अवादा परिवार का हिस्सा बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य जनजातीय समुदायों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए युवाओं और महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।पिछले दो वर्षों में फाउंडेशन द्वारा इन गांवों में शिक्षा और डिजिटल सशक्तिकरण के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। सरकारी विद्यालयों का पुनरुद्धार,टैबलेट वितरण,लाइब्रेरी स्थापना,कंप्यूटर एवं ट्यूशन क्लास,आईटीआई प्रशिक्षण हेतु छात्रवृत्ति तथा शैक्षिक यात्राओं का आयोजन विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा दे रहा है। इसके अलावा सोलर स्ट्रीट लाइट,साइकिल वितरण,स्कूल किट,यूनिफॉर्म,स्वेटर,जूते और बैग जैसी सुविधाएं भी ग्रामीणों को उपलब्ध कराई गई हैं। स्वास्थ्य एवं आजीविका के क्षेत्र में महिलाओं को सिलाई और किचन गार्डन प्रशिक्षण,स्वास्थ्य शिविर,नेत्र सर्जरी,मच्छरदानी एवं साड़ी वितरण जैसे जनकल्याणकारी कार्यों से गांवों में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। समारोह में महेश माथुर,सोम प्रकाश बंसल,विद्यालय के प्रधानाध्यापक,ग्राम प्रधान सहित स्थानीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। अवादा फाउंडेशन का यह सतत प्रयास सोनभद्र के आदिवासी क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाओं को जन्म दे रहा है और क्षेत्र को आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर कर रहा है।

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