
वाराणसी -राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण लखनऊ के संयुक्त तत्वाधान में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण वाराणसी द्वारा जनपद में संभावित बाढ़ आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु 11 जून 2026 को राज्य स्तरीय बढ़ माक एक्सरसाइज का आयोजन किया गया। माक एक्सरसाइज का मुख्य आयोजन तहसील सदर क्षेत्र के अंतर्गत सामने घाट पर किया गया। इसका उद्देश्य जनपद में बाढ़ आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों एवं आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों के मध्य समन्वय, संसाधनों की उपलब्धता, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता, संचार व्यवस्था, राहत एवं बचाव कार्यों की दक्षता, तथा मानक संचालन प्रक्रियाओं की प्रभावशीलता का परीक्षण करना था। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, राज्य आपदा मोचन बल, पीएसी फ्लड कंपनी, जल पुलिस, पुलिस विभाग, राजस्व विभाग, अग्नि शमन विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग, नागरिक सुरक्षा संगठन, नगर निगम, विद्युत विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों द्वारा सक्रिय सहभागिता की गई। माक एक्सरसाइज के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा आपदा की स्थिति में अपने अपने दायित्वों का वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप प्रदर्शन किया गया। माक एक्सरसाइज के अंतर्गत तीन प्रमुख परिदृश्यों पर आधारित राहत एवं बचाव कार्यों का सफल प्रदर्शन किया गया। प्रथम परिदृश्य में गंगा नदी में यात्रियों से भरी नाव के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना प्राप्त होने पर इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम के अनुरूप विभिन्न एजेंसियों को सक्रिय किया गया। सूचना प्राप्त होते ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ जल पुलिस एवं पीएसी फ्लड कंपनी की टीम घटनास्थल पर पहुंची तथा संयुक्त रूप से खोज एवं बचाव अभियान प्रारंभ किया गया। नदी में फंसे यात्रियों को लाइफ जैकेट एवं बचाव उपकरणों की सहायता से सुरक्षित निकाला गया तथा घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराते हुए एंबुलेंस के माध्यम से चिकित्सालय भेजे जाने की कार्यवाही का प्रदर्शन किया गया। द्वितीय परिदृश्य में नदी में डूबे व्यक्तियों की खोज एवं निकासी का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान आधुनिक सोनार सिस्टम की सहायता से पानी के भीतर संभावित स्थानों की पहचान की गई तथा प्रशिक्षित गोताखोर एवं बचाव दलों द्वारा समन्वित रूप से खोज अभियान संचालित किया गया। डूबे हुए व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल कर चिकित्सकीय परीक्षण एवं आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। तृतीय परिदृश्य में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में फंसे नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्यवाही प्रदर्शित की गई। बचाव दलो द्वारा नावों एवं अन्य उपलब्ध संसाधनों की सहायता से प्रभावित व्यक्तियों को सुरक्षित निकाला गया तथा उन्हें निर्धारित राहत शिविरों तक पहुंचाया गया। विशेष रूप से वृद्धजन, महिलाएं, बच्चे एवं दिव्यांगजन को प्राथमिकता देते हुए सुरक्षित निकासी की कार्यवाही प्रदर्शित की गई। माक एक्सरसाइज के दौरान आधुनिक तकनीक एवं उन्नत बचाव उपकरणों का व्यापक उपयोग किया गया। खोज एवं बचाव कार्यों में सोनार सिस्टम, यू शेप रिमोट कंट्रोल, लाइफ बाय, ड्रोन आधारित निगरानी प्रणाली, वायरलेस संचार प्रणाली, कम्युनिकेशन पोस्ट, लाइफ जैकेट, मोटर बोट एवं अन्य आपदा प्रबंधन उपकरणों का उपयोग किया गया। ड्रोन के माध्यम से प्रभावित क्षेत्र की निगरानी, स्थिति का आकलन एवं बचाव दलों को आवश्यक सूचनाओं का आदान-प्रदान प्रदर्शित किया गया। वहीं कम्युनिकेशन पोस्ट के माध्यम से विभिन्न एजेंसियों के मध्य समन्वय स्थापित करते हुए आपातकालीन सूचना प्रबंधन प्रणाली का सफल परीक्षण किया गया। माक एक्सरसाइज के दौरान आपदा की सूचना प्राप्त होने से लेकर राहत एवं बचाव अभियान के संचालन, घायलों के उपचार, प्रभावित व्यक्तियों की सुरक्षित निकासी, राहत शिविरों के संचालन तथा विभागीय समन्वय की संपूर्ण प्रक्रिया का चरणबद्ध प्रदर्शन किया गया। इसके माध्यम से वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने की तैयारी का परीक्षण किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान अपर जिला अधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं प्रभारी अधिकारी आपदा डॉक्टर सदानंद गुप्ता द्वारा जनपद में बाढ़ नियंत्रण की समग्र तैयारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उनके द्वारा बताया गया कि जनपद में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए विभिन्न विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने हेतु इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम के अंतर्गत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नामित किया गया है।