
वाराणसी। रोहनियां विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत चितईपुर एवं बरईपुर (मुंडवाडीह थाना क्षेत्र) में नगर निगम द्वारा 200 से अधिक यादव परिवारों को उजाड़े जाने की घटना पर अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा ने गहरी पीड़ा,कड़ी आपत्ति एवं तीव्र निंदा व्यक्त की है। महासभा ने इस कार्रवाई को अमानवीय,अन्यायपूर्ण एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताया है। महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि पीढ़ियों से बसे परिवारों को बिना मानवीय संवेदनाओं का ध्यान रखे अचानक बेघर कर देना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। जिन घरों में वर्षों से लोग रह रहे थे, उन्हें एक झटके में मलबे में बदल दिया गया, जिससे सैकड़ों परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। महासभा ने यह भी गंभीर प्रश्न उठाया कि क्या प्रशासन द्वारा जानबूझकर यादव समाज को निशाना बनाया गया है। विशेष रूप से “सुनता यादव” का मामला अत्यंत हृदयविदारक बताया गया,जिनके परिवार में बेटी का विवाह निर्धारित था। परिवार द्वारा प्रशासन से कुछ दिनों की मोहलत मांगी गई थी,बावजूद इसके प्रशासन ने संवेदनहीनता का परिचय देते हुए घर पर बुलडोजर चला दिया। अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा ने इसे प्रशासनिक क्रूरता एवं अमानवीयता का स्पष्ट उदाहरण बताते हुए सरकार एवं प्रशासन से तत्काल बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। महासभा ने पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत, उचित मुआवजा एवं पुनर्वास उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई है। इसके साथ ही महासभा ने पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच कराकर सत्य को सार्वजनिक करने तथा दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर एवं निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।महासभा ने कहा कि लोकतंत्र जनता की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए है,न कि जनता पर अत्याचार करने के लिए। अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा ने स्पष्ट किया कि वह इस अन्याय के विरुद्ध संघर्षरत रहेगी तथा पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।