
समाजवादी पार्टी ने सरकारी नौकरियों में पीडीए (पिछड़ा, दलित और आदिवासी) वर्ग के आरक्षण में बड़े पैमाने पर अनियमितता का आरोप लगाते हुए योगी सरकार को घेरा है।पार्टी नेताओं का दावा है कि वर्ष 2019 से 2026 के बीच हुई विभिन्न भर्तियों में आरक्षण नियमों का पालन नहीं किया गया,जिससे 11,514 से अधिक पद प्रभावित हुए।सपा कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में जिलाध्यक्ष रघुवीर यादव,महासचिव सलाहुद्दीन अहमद,पूर्व विधायक अनूप संडा और पूर्व विधायक अरुण वर्मा ने 69 हजार शिक्षक भर्ती,लेखपाल भर्ती और अन्य चयन प्रक्रियाओं का हवाला देते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। नेताओं ने आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग को बढ़ावा देकर आरक्षण व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है।पूर्व लोकसभा प्रत्याशी शकील अहमद ने कहा कि पार्टी का लीगल सेल इस मुद्दे पर कानूनी लड़ाई लड़ रहा है।साथ ही गांव-गांव चौपाल और जनआंदोलन के जरिए आरक्षण अधिकारों की लड़ाई सड़क से अदालत तक लड़ी जाएगी। इस मौके पर पूर्व विधायक भगेलूराम, मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड जिला अध्यक्ष शहजाद अहमद,युवा सपा नेता विनीत तिवारी,जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र मौर्य, पूर्व जिला अध्यक्ष पृथ्वी पाल यादव, जिला पंचायत सदस्य शंकर यादव ,बाजीगर वर्मा,अशोक कुमार वर्मा, विजय यादव, अमित यादव, प्रधान राज नारायण यादव, देवता दीन निषाद सपा कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
