
वाराणसी। भागदौड़ भरी जिंदगी और अनियंत्रित दिनचर्या के कारण आज के समय में लोग तेजी से गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इनमें से एक सबसे बड़ी समस्या बनकर उभर रही है—फैटी लिवर (फैटी लिवर )।महमूरगंज स्थित ‘समर्पण गैस्ट्रो एवं लिवर क्लिनिक’ के जाने-माने पेट रोग विशेषज्ञ डॉ. शेखर पुरी ने एक खास बातचीत में इस गंभीर विषय पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि आजकल ओपीडी में फैटी लिवर के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है, जिसका मुख्य कारण हमारी खराब जीवनशैली और गलत खानपान है।क्यों बढ़ रही है यह समस्या?
डॉ. शेखर पुरी के अनुसार, फैटी लिवर होने के दो सबसे बड़े और मुख्य कारण हैं:
गलत खानपान और रूटीन: फास्ट फूड, अत्यधिक तैलीय (ऑयली) भोजन, प्रिजर्वेटिव युक्त खाद्य पदार्थ और समय पर खाना न खाना।
शराब का अत्यधिक सेवन: अल्कोहल का सेवन लिवर की कोशिकाओं को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचाता है, जिससे लिवर पर अतिरिक्त वसा (फैट) जमा होने लगती है।
”लिवर हमारे शरीर का पावरहाउस है। अगर हम अपनी दिनचर्या और खाने के रूटीन पर विशेष ध्यान नहीं देंगे, तो यह साइलेंट किलर बीमारी लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर स्थिति में बदल सकती है।”
डॉ. शेखर पुरी, पेट रोग विशेषज्ञ
बचाव के लिए डॉ. पुरी के मुख्य सुझाव
इस समस्या से बचने और लिवर को स्वस्थ रखने के लिए डॉ. पुरी ने कुछ बेहद जरूरी बातें साझा की हैं।