501 लीटर दूध से हुआ मां गंगा का महाभिषेक।
वैदिक मंत्र,शंखनाद और डमरू की ध्वनि से गूंजे घाट।
श्रद्धालुओं ने लिया “स्वच्छ गंगा-निर्मल गंगा” का संकल्प।

वाराणसी। आस्था,अध्यात्म और सनातन संस्कृति की जीवंत नगरी काशी में मां गंगा के अवतरण दिवस पर भक्ति का अद्भुत महासंगम देखने को मिला। ऐतिहासिक दशाश्वमेध घाट दीपों की अलौकिक आभा,वैदिक मंत्रोच्चार,शंखनाद और “हर-हर गंगे” के जयघोष से देर रात तक गुंजायमान रहा। गंगोत्री सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित भव्य महाआरती और वैदिक अनुष्ठान ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।समिति के संस्थापक अध्यक्ष पं. किशोरी रमण दुबे ‘बाबू महाराज’ के सानिध्य में मां गंगा की अष्टधातु प्रतिमा का भव्य श्रृंगार किया गया। इसके पश्चात 501 लीटर दूध,पुष्प,फल एवं मिष्ठान्न से मां गंगा का विशेष दुग्धाभिषेक एवं षोडशोपचार पूजन सम्पन्न हुआ। श्रद्धाभाव से मां गंगा को पियरी साड़ी अर्पित की गई। महाआरती के दौरान 11 वैदिक ब्राह्मणों ने एक साथ विशाल दीप स्तंभों से मां गंगा की आरती उतारी,जबकि 21 कन्याओं ने रिद्धि-सिद्धि के प्रतीक स्वरूप चंवर डुलाकर मातृशक्ति का आह्वान किया। घाट पर उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं ने दीप प्रवाहित कर मां गंगा से सुख, समृद्धि और लोककल्याण की कामना की।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अयोध्या के श्री राम जानकी हनुमान मंदिर के पीठाधीश्वर बाबा अवध बिहारी दास महाराज ने कहा कि मां गंगा भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की आत्मा हैं। मुख्य अतिथि राज्य मंत्री डॉ. दया शंकर मिश्र ‘दयालु गुरु’, शहर दक्षिणी विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, महापौर अशोक तिवारी तथा वीडीए के मानद सदस्य एवं हिंदू युवा वाहिनी के मंडल प्रभारी अम्बरीश सिंह भोला ने कहा कि गंगा दशहरा केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति,संस्कृति और स्वच्छता के प्रति सामूहिक आस्था का प्रतीक है।इस अवसर पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक एवं आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी वैदिक रीति से मां गंगा का पूजन-अर्चन किया। गीतकार कन्हैया दुबे ‘केडी’ के संयोजन में आयोजित भजन संध्या में सुप्रसिद्ध भजन गायक सुशील बावेजा की भक्तिमय प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। समिति के सचिव पं. दिनेश शंकर दुबे ने अतिथियों का स्वागत किया,जबकि नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर राजेश शुक्ला ने उपस्थित श्रद्धालुओं को “स्वच्छ गंगा-निर्मल गंगा” का संकल्प दिलाया।
केदार घाट पर दीपों की रोशनी में सजी गंगा आरती
वैदिक मंत्रों और भजन संध्या से भक्तिमय हुआ वातावरण
वाराणसी काशी के केदार घाट पर भी मां गंगा के अवतरण दिवस के अवसर पर भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। गंगोत्री सेवा समिति की ओर से संदीप दुबे ‘सोनू महाराज’ के संयोजन में विशेष गंगा पूजन,दुग्धाभिषेक एवं महाआरती का भव्य आयोजन किया गया। दीपों और पुष्पों से सजे घाट पर वैदिक ब्राह्मणों ने मंत्रोच्चार के बीच मां गंगा का पूजन सम्पन्न कराया। “ॐ गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वति…” तथा “ॐ नमो भगवति गंगे” जैसे वैदिक मंत्रों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने दूध, पुष्प,अक्षत एवं दीप अर्पित कर मां गंगा का आशीर्वाद प्राप्त किया।महाआरती के दौरान शंखध्वनि, घंटियों की अनुगूंज और “हर-हर महादेव” के जयकारों से घाट गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने गंगा में दीप प्रवाहित कर अपनी श्रद्धा एवं आस्था व्यक्त की। इसके पश्चात आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं भजन संध्या में कलाकारों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने देर रात तक श्रद्धालुओं को बांधे रखा और पूरा वातावरण भक्तिरस में सराबोर हो गया।