चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ ने बीएसए कार्यालय पर जताया रोष, मांगों के निस्तारण को दिया पखवारे का अल्टीमेटम।

वाराणसी, 08 मई 2026। उत्तर प्रदेशीय चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ शाखा वाराणसी के प्रतिनिधि मंडल ने बेसिक शिक्षा परिषद के कर्मचारियों एवं विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों की समस्याओं को लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव से मुलाकात कर शीघ्र समाधान की मांग की। महासंघ ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ तो संगठन धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होगा। महासंघ के प्रांतीय संरक्षक मुन्नूलाल रावत के नेतृत्व में 16 फरवरी 2026 को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पांच सूत्रीय मांगपत्र सौंपा गया था। इसमें बेसिक शिक्षा परिषद के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की लिपिकीय पदों पर पदोन्नति, संगठन को शासनादेशानुसार कार्यालय उपलब्ध कराने, विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों के कार्यघंटे निर्धारित करने, रसोइयों के उत्पीड़न पर रोक लगाने तथा हटाई गई रसोइयों को पुनः कार्य पर बहाल करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल थीं। प्रतिनिधि मंडल द्वारा दिए गए ज्ञापन पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने संबंधित पटल सहायकों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे तथा संगठन को प्रगति से अवगत कराने की बात कही थी। लेकिन लगभग तीन माह बीत जाने के बाद भी विभागीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त हो गया। इसी क्रम में 05 मई 2026 को महासंघ का एक प्रतिनिधि मंडल पुनः जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मिला और लंबित समस्याओं पर नाराजगी जताई। इस दौरान बीएसए ने संबंधित अधिकारियों एवं पटल सहायकों को बुलाकर असंतोष व्यक्त किया तथा समस्याओं के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।जिलाध्यक्ष बद्री प्रसाद ने कहा कि प्रदेश सरकार जहां एक ओर नारी सशक्तिकरण और महिलाओं की सुरक्षा की बात करती है, वहीं दूसरी ओर विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों का उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा सभी विभागों को कर्मचारी संगठनों एवं कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण हेतु प्रत्येक 15 दिन पर बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी इन निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मांगपत्र पर एक पखवारे के भीतर समाधान नहीं किया गया तो महासंघ कर्मचारियों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा। प्रतिनिधि मंडल में गंगा राम, राधिका रंजन तिवारी, शहजाद अहमद, चंचल मौर्य, आलोक शास्त्री, माया देवी, रेशमलाल, रेखा, सरोज गिरी, विनोद त्रिपाठी एवं शेरबहादुर सिंह सहित अन्य कर्मचारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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