
वाराणसी। चैतन्य योग केंद्र में योग और खेल के समन्वय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से योगासन खेल की विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में बड़ी संख्या में योग साधकों, छात्रों एवं खेल प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण व दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके पश्चात प्रशिक्षकों द्वारा योगासन खेल की तकनीकों, नियमों एवं प्रतियोगी स्वरूप की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन जैसे संतुलन, लचीलापन और शक्ति आधारित आसनों का अभ्यास कराया गया।
संस्था के सचिव आशीष टण्डन ने अपने संबोधन में कहा कि एक योगासन खिलाड़ी को अपने पांच M factor पर नियन्त्रण रखना अनिवार्य होता हैं वो है MIND, MOUTH, MOVES ,MEAL , MOOD, अगर खिलाड़ी इन पर कंट्रोल कर ले तो वह एक सफल खिलाड़ी बन सकता है।
अध्यक्ष कमलेश पटेल ने बताया कि योगासन खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करता है, बल्कि मानसिक एकाग्रता और आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है। उन्होंने युवाओं से इस क्षेत्र में आगे बढ़ने और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया।
कार्यशाला के दौरान राष्ट्रीय योगासन कोच सुबोध यादव, सूर्या सिंह, शोभित गोंड,ऋषभ शाह, व राष्ट्रीय योगसन खेल रेफरी श्रेयांस बाजपेयी, पूजा जालान, व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अखिलेश गुप्ता ,कनक गुप्ता, एकांश वर्मा, ने प्रतिभागियों को योगासन खेल की बारीकियों को समझाते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की तकनीकी विषमताओं को उजागर किया जिससे खेल शारीरिक, व तकनीकी रूप से भी खेल को जाना जा सके।
मुख्य रूप में कार्यशाला में जर्मनी से योगासन का प्रशिक्षण लेने आए मेयिका,पूजा महतो, अपर्णा ,प्रियांशी, गरिमा,आरुषि, के प्रणति, शिवांशी, इशिता,आरोही, मिली, विनायक, अथर्व, मेधांश, कृष्णा, दीक्षा, स्वयं, सृष्टि, देव,सुजीत आदि अन्य प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया ।
अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि योगसन को खेल के रूप में अपनाकर नई पीढ़ी को स्वस्थ अनुशासित और आत्मविश्वासी, कुशलनेतृत्व बनाया जा सकता है।