
वाराणसी। पत्रकारिता दिवस की पूर्व संध्या पर सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित 31वें “काशी रत्न शान-ए-काशी रत्न अलंकरण समारोह” का आयोजन आईएजे द्वारा भव्य एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में साहित्य, पत्रकारिता, शिक्षा एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया। समारोह में नादान परिंदे साहित्य मंच के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. सुबाष चंद्र को समाज सेवा एवं साहित्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए “आईएजे नागरिक अभिनंदन – 2026” सम्मान से सम्मानित किया गया।
डॉ. सुबाष चंद्र लंबे समय से समाज सेवा, साहित्यिक गतिविधियों एवं सांस्कृतिक जागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने नादान परिंदे साहित्य मंच के माध्यम से अनेक युवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान कर समाज में सकारात्मक सोच एवं साहित्यिक चेतना को बढ़ावा देने का कार्य किया है। उनके सामाजिक कार्यों एवं जनसेवा के प्रति समर्पण को देखते हुए उपस्थित अतिथियों एवं गणमान्य लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रो. (डॉ.) श्याम सुंदर अग्रवाल रहे। समारोह की अध्यक्षता सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने की। विशिष्ट अतिथियों में पूर्व कुलपति वर्धा विश्वविद्यालय प्रो. रजनीश शुक्ला, डॉ. ओ.पी. शर्मा, दीक्षा महिला शोध संस्थान की अध्यक्ष संतोषी शुक्ला, डॉ. निशा रानी अग्रवाल एवं आईएजे के अध्यक्ष कैलाश सिंह विकास प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि डॉ. सुबाष चंद्र समाज सेवा एवं साहित्य के क्षेत्र में निरंतर सराहनीय कार्य कर रहे हैं और उनका योगदान समाज के लिए प्रेरणादायी है। कार्यक्रम में समाजसेवी, पत्रकार, शिक्षाविद, साहित्यकार एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अंत में सम्मान समारोह एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।