
वाराणसी, 12 जून:-2026, भारतीय रेलवे अपने कर्मचारियों के समग्र विकास एवं आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से समय-समय पर विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करती रहती है। इसी क्रम में पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल द्वारा लहरतारा स्थित अधिकारी क्लब में आज 12 जून,2026 को अपने कर्मचारियों विशेष रूप से दिव्यांग (अलग-अलग क्षमताओं वाले) रेल कर्मचारियों के लिए एक व्यावसायिक दक्षता विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ समारोह के मुख्य अतिथि मंडल रेल प्रबन्धक श्री आशीष जैन,विशिष्ट अतिथि मंडल महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा श्रीमती वानी जैन एवं कार्यकारिणी की सदस्याओं द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। इस अवसर पर वाराणसी मंडल के अधिकारियों समेत मंडल महिला कल्याण संगठन कार्यकारिणी की समस्याएं एवं वाराणसी मंडल पर कार्यरत दिव्यांग कर्मचारी उपस्थित थे।
कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन सभी का स्वागत करते हुए बताया कि भारतीय रेलवे सभी कर्मचारियों को समान अवसर प्रदान करने के सिद्धांत पर कार्य करती है तथा दिव्यांग कर्मचारी संगठन की एक महत्वपूर्ण शक्ति हैं। ऐसे कार्यक्रम न केवल उनकी पेशेवर क्षमता को बढ़ाते हैं, बल्कि उनके आत्मविश्वास एवं कार्य के प्रति उत्साह में भी वृद्धि करते हैं। 
वाराणसी मंडल में वर्तमान में 133 दिव्यांग कर्मचारी कार्यरत हैं। आप सभी अपनी मेहनत, लगन और समर्पण से भारतीय रेल की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। आपके कार्य और आपके जज़्बे को मैं हृदय से सलाम करता हूँ। आज का यह कार्यक्रम “स्टाफ बेनिफिट फंड (SBF)” के माध्यम से आयोजित किया गया है। इसका उद्देश्य हमारे दिव्यांग कर्मचारियों को प्रोत्साहित करना तथा उनके जीवन को और अधिक सुविधाजनक बनाना है। मुझे विशेष प्रसन्नता है कि आज 7 पात्र दिव्यांग कर्मचारियों को स्कूटी प्रदान की जा रही है। वाराणसी मंडल में यह पहली बार हो रहा है। यह पहल हमारे दिव्यांग साथियों को अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस सराहनीय कार्य का श्रेय मैं वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी अभिनव कुमार सिंह तथा उनकी पूरी टीम को देना चाहूँगा, जिनके प्रयासों से यह योजना सफल हो सकी।
आज का यह कार्यक्रम केवल एक शुरुआत है। वाराणसी मंडल अपने दिव्यांग कर्मचारियों के कल्याण, विकास और सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हम आगे भी ऐसे प्रयास करते रहेंगे ताकि आप अपनी क्षमताओं का पूरा उपयोग कर सकें और जीवन में नई ऊंचाइयां प्राप्त कर सकें। मैं सभी दिव्यांग कर्मचारियों को उनकी मेहनत और योगदान के लिए बधाई देता हूँ तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ।
इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन ने 07 दिव्यांग लाभार्थी कर्मचारियों को स्टाफ बेनिफिट फंड से क्रय की गई विद्युत चालित स्कुटियों का वितरण कर सम्मानित किया गया ।
इस अवसर पर कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि मंडल महिला कल्याण संगठन के अध्यक्ष श्रीमती वनी जैन ने अपने संबोधन में बताया की यह वाराणसी मंडल के लिए गौरव का दिन है आज हम उन कर्मचारियों को अभिनंदन कर रहे हैं जिन्होंने सिद्ध किया है की संकल्प के सम्मुख शारीरिक चुनौतियों को कभी बाधा नहीं बनने दिया और भारतीय रेल की सेवा में अद्वितीय योगदान दिया। रेलवे हमारे देश की जीवन रेखा है और उन दिव्यांग जन साथियों ने अपने समर्पण एवं कर्तव्य निष्ठा से या सिद्ध किया है की सच्ची सेवा केवल शरीर की शक्ति से ही नहीं बल्कि मनोबल और संकल्प से होती है। दिव्यांगजन साथियों ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारियां को बखूबी से निभाया है। वाराणसी मंडल यह संदेश स्पष्ट है कि यहां प्रत्येक कर्मचारी समान है और सम्माननीय है ।
मंडल महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा श्रीमती वानी जैन ने कार्यकारिणी की सदस्याओं के साथ उक्त कार्यक्रम में उपस्थित सभी दिव्यांग कर्मचारियों को (मिल्टन)पानी की बोतलें प्रदान कर उनके प्रति अपना स्नेह और सम्मान व्यक्त किया।
इस अवसर पर विशिष्ट वक्ता के रूप में पधारे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के पूर्व सलाहकार सदस्य डा उत्तम ओझा ने दिव्यांग जन को समान अवसर,अधिकार एवं प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए किये गये संघर्षो पर प्रकाश डालते हुए बताया की दिव्यांग अधिनियम 1995 को 2016 में संशोधित किया गया जिसमे दिव्यन्गता के 7 प्रकारों को बढ़ाकर 21 किया गया। उन्होंने उदाहरण देकर बताया की मानसिक रूप से स्वास्थ्य व्यक्ति को शारीरिक अपंगता किसी भी प्रकार प्रभावित नहीं करती है और वह अपने सभी कार्य पूरी दक्षता के साथ पूर्ण कर सकता है और कोई भी मुकाम हासिल कर सकता है। उन्होंने 2047 तक प्रत्येक दिव्यांग को आत्मनिर्भर बनाने के माननीय प्रधानमंत्री जी के आवाहन पर प्रकाश डालते हुए बताया की वर्तमान में भारत में दिव्यांग जन की संख्या 10 करोड़ पहुँच गई है ऐसे में जरुरी है की उनको मुख्य धारा से जोड़ने के लिए आवश्यक कदम उठाये जाएँ।
इस अवसर पर वक्ता के रूप में उपस्थित मंडल चिकित्साधिकारी डा आशीष गुप्ता ने अपने वक्तव्य में विभिन्न प्रकार की दिव्यांगता पर प्रकाश डालते हुए बताया की किस प्रकार से आधुनिक चिकित्सा विज्ञान ने दिव्यांगों के जीवन में कैसे-कैसे क्रांतिकारी परिवर्तन लाए हैं। आधुनिक युग में दिव्यांगता किसी व्यक्ति क्षमता को नहीं परिभाषित करती है, आधुनिक चिकित्सा विज्ञान एवं अनुसंधानकर्ताओं ने दिव्यांगता को कम किया है ।
साइबर क्राइम वक्ता के रूप में ICICI बैक के साइबर एक्सपर्ट श्री सर्वेश सिन्हा ने विभिन्न प्रकार के साइबर क्राइम और उनसे बचने के उपायों की वृहद जानकारी दी। उन्होंने डिजिटल फ्राड,KYC फ्राड,UPI पेमेन्ट एवं ऑन लाइन ट्रांजेक्शन में होने वाले क्राइम की जानकारी देते हुए उनसे बचने के लिए विभिन्न सुझाव दिया।
इसके पूर्व सभी वक्ताओ का वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी श्री अभिनव कुमार सिंह द्वारा प्लान्टर देकर स्वागत किया गया। उक्त आयोजन में दिव्यांग कर्मचारी द्वारा प्रासंगिक कविता,मंडल कला समिति द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा स्काउट एण्ड गाइड बच्चों द्वारा दिव्यांगता पर नृत्य नाटिका का मंचन किया गया। प्रतिभागी कर्मचारियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम उन्हें अपने कौशल को विकसित करने और कार्यस्थल पर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करते हैं।
दिव्यांग कर्मचारी व्यावसायिक दक्षता विकास कार्यक्रम-2026 का सफल आयोजन के उपरान्त धन्यवाद ज्ञापित करते हुए वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी अभिनव कुमार सिंह ने आशा व्यक्त की दिव्यांग कर्मचारी गण विशिष्ट वक्ताओं के विचारों एवं अनुभवों का लाभ उठाएंगे। उन्होंने दिव्यांग कर्मचारियों को धन्यवाद करते हुए कहा की आपका समर्पण,परिश्रम और सकारात्मक सोच भारतीय रेल की अमूल्य शक्ति है। रेलवे भविष्य में भी दिव्यांग रेल कर्मचारियों के सशक्तिकरण एवं समावेशी कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ऐसे प्रशिक्षण एवं विकास कार्यक्रमों का आयोजन करती रहेगी।