
साइबर क्राइम पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए असम,मुंबई और पश्चिम बंगाल से जुड़े सात अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि एक ही मोडस ऑपरेंडी अपनाकर अलग-अलग राज्यों में करोड़ों रुपये की ठगी की गई।मामले का खुलासा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुँवर अनुपम सिंह ने किया।पुलिस के अनुसार अमेठी निवासी एक व्यक्ति से 85 लाख रुपये और लखनऊ निवासी से 1.85 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। जांच के दौरान पीड़ित के खाते से ट्रांसफर हुई रकम असम से जुड़े बैंक खातों में पहुंचने की पुष्टि हुई,जिसके बाद पुलिस टीम ने असम जाकर आरोपियों की गिरफ्तारी की। पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह क्लोनिंग एप के जरिए फर्जी निवेश कंपनी बनाकर लोगों को मुनाफे का लालच देता था।एसपी के निर्देशन में मुंबई से भी आरोपियों को पूछताछ के लिए सुल्तानपुर लाया गया।पुलिस ने कार्रवाई के दौरान मोबाइल फोन,चेकबुक,एटीएम कार्ड बरामद किए हैं,जबकि 333 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वाले ऑनलाइन खाते फ्रीज किए गए हैं। साथ ही करोड़ों रुपये की क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े खाते भी सामने आए हैं।पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और मामले में आगे की कार्रवाई प्रचलित है। साइबर क्राइम व एसओजी टीम की संयुक्त कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है।